संस्करण: 16जून-2008

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

हिन्दू राष्ट्र पर हरी टहनी

दुनिया का ऐसा कौन सा मुल्क था जहां 'एक राष्ट्र, एक जन, एक संस्कृति' का हिन्दु राष्ट्र का विश्व नज़रिया अमली जामा धारण किया था, तमाम अवर्ण/शूद्र जातियों को >सुभाष गाताडे

      


अमेरिका से सीख लें भारतीय नेता
 मेरिका में राष्ट्रपति पद की दौड़ में बहुत आगे चल रहे डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी बराक ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन को पछाड़ा तो भारतीय नेताओं की भांति बदले की भावना >अंजनी कुमार झा


म.प्र. में मंत्रिमंडल परिवर्तन और अंत में दलित आदिवासी महिला ,... पर मुस्लिम नहीं
घ्यप्रदेश सरकार के स्वास्थमंत्री के भाई सहित अनेक बड़े बड़े अधिकारियों के निवास कार्यालय और उनके धन विनोयजन स्थल पर मारे गये छापों के बाद उत्पन्न हालात में प्रदेश के >वीरेन्द्र जैन

          


  

कोरी घोषणाएं, झूठे वायदे-
चुनाव जीतने के भाजपाई नुस्खे

चुनावी वायदों और घोषणाओं की नौका से निर्वाचन की वैतरणी तो पार करने में सफल हो जाते हैं राजनैतिक दल, किंतु पार लगने के बाद नैया को किनारे पर ही छोड़कर इनके नेतागण रास्ता पकड़ लेते >राजेन्द्र जोशी


सत्ता पर सवार सफ़ेदपोश
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार यह कोशिश करते रहते हैं कि सरकार की उज्ज्वल छवि बने, ताकि उनको अगला विधानसभा जीता जा सके। लेकिन >महेश बाग़ी

       


''क्रिकेट ने किया माया को बेचैन''
 आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति के मुख पर एक ही विषय छाया है, वह है क्रिकेट ! इस क्रिकेट प्रेम से सारी दुनिया के नौजवानों में एक उत्साह देखा गया है इस के लिये वह अपना काम >राजेन्द्र श्रीवास्तव


स्पीकर चटर्जी के गौरवशाली चार वर्ष
आज से 100 वर्ष पहले महात्मा गांधी (जो उस समय मोहनदास करमचंद गांधी थे) ने ब्रिटिश संसद पर टिप्पणी करते हुए लिखा था, ''इंग्लैंड में आज जो हालात है वह सचमुच दयनीय-तरस खाने लायक है। मैं तो  >एल.एस.हरदेनिया

              


विविधता पर टिका आस्तित्व
अंतराष्ट्रीय मंच पर 'भूख' की त्राहिमाम ने भूमण्डलीकरण की मुक्त अर्थ व्यवस्था की चमक को धुंधला दिया है। सृष्टि में फैले बहुलतावाद को समाप्त कर दुनिया को 'विश्व ग्राम' में बदल देने का जो दिवा  >प्रमोद भार्गव


विरोध महंगाई का या किसान का ?
अभी
हाल ही में उज्जैन से रतलाम की यात्रा के दौरान मुझे एक किसान मिला, वह वर्तमान में चल रहे मंहगाई विरोधी आंदोलनों से काफी दुखी था और मंहगाई का विरोध करने वालों को कोस रहा था। उसका कहना >डॉ. सुनील शर्मा

     


मित्व्यता का महत्व सार्वजनीन और सार्वकालिक है
यह कहावत सबने सुनी होगी कि-तेते पाँव पसारिये, जेते लांबी सौर। अर्थात-जितनी लम्बी चादर हो, उतने ही पैर फैलाने चाहिए। वैसे भी भारत की बहुसंख्यक ग़रीब जनता अपनी चादर के बाहर पाँव  >डॉ. गीता गुप्त


26 जून- अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर विशेष
''महिलाओं में बढ़ता शराब का प्रचलन''

आज हमारे देश में शराब का सेवन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है, साथ ही बढ़ रही है मद्यपान के कारण मौत से जूझने वालों की संख्या। आज 15 से 20 प्रतिशत भारतीय शराब पी >स्वाति शर्मा

    


          16जून2008

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved