संस्करण: 16 नवम्बर -2009

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सनातन संस्था : आध्यात्मिक आवरण, अतिवादी हरकतें !
कब तक आंखें मूंदे रहेंगे हम ?

र गुजरते दिन के साथ यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि हिन्दुत्व आतंकवाद और 'जिहादी' आतंकवाद से निपटने के भारतीय राज्य के पैमाने बिल्कुल अलग अलग हैं। वर्ष 2008 के मालेगांव बम>सुभाष गाताड़े


 

भाषा, और प्रांतीयता के नाम पर देश को बांटने की हरकतें निंदनीय
राष्ट्रीय एकता का पवित्र बंधन है हिंदी


जिस देश का भाषा संस्कार व्यापक तथा सुदृढ़ होता है, वहीं देश आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सर्वांगीण विकास करता है। फ्रांस, जर्मनी, चीन, जापान तथा अन्य कई विकसित देशों में>राजेंद्र जोशी


 

धार्मिक संस्थानों में स्त्री :
भेदभाव का इतिहास और वर्तमान

 

सी 8 नवम्बर को गुरुद्वारा प्रबन्धन समिति का चुनाव सम्पन्न हुआ है। इस बार चुनाव मताधिकार की गैरबराबरी पूर्ण व्यवस्था को लेकर अधिक चर्चा में था अर्थात चुनाव प्रक्रिया से आबादी>अंजलि सिन्हा


 

हिन्दी में शपथ के बहाने
मुम्बई में एक और आतंकी हमला


भी मुम्बई पर 26 नवम्बर 2008 को हुये आंतकी हमले को एक साल भी नहीं बीता था कि एक और आतंकी हमला हो गया जो किसी ताज़ होटल में नही अपितु देश के संविधान पर लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इमारतों>वीरेंद्र जैन


 

क्षेत्रवाद के पहरुए
 

हाल ही में क्षेत्रवाद को लेकर हुई दो घटनाओं ने राजनीतिक माहौल फिर गरमा दिया है। पहली घटना मध्यप्रदेश के सतना जिले में हुई, जहां एक सीमेंट कारखाने का उद्धाटन करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने>महेश बाग़ी


 

जन्मदिवस पर विशेष
इंदिराजी देश की एकता की खातिर शहीद हुईं

 

इंदिरा गांधी की शहादत को 25 वर्ष हो गए हैं। उन्हें शहीद कहना हर दृष्टि से उचित है। उन्होंने देश की एकता की खातिर अपनी जान दी थी। >एल.एस.हरदेनिया


महिला-अत्याचार में
मध्यप्रदेश अव्वल


त वर्ष भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरों द्वारा तैयार तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी रपट के आधार पर विश्व भर के मीडिया ने भारत को 'मर्डर कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कां>डॉ. गीता गुप्त


 

आर्थिक विषमता बढ़ाती कंपनियां

विषमता की बुनियाद पर सीना ताने खड़ा आर्थिक विकास देश की बढ़ी आबादी को लगातार खाद्य असुरक्षा के घेरे में धकेल रहा है। हाल ही में जर्मन और आयरिश की संस्थाओं ने दो>प्रमोद भार्गव


 

पशु चारे का बढ़ता संकट

 

म.प्र. के बुदेलखंड अंचल के किसान अपने पशुओं को छोड़ रहे है, क्योंकि वो उन्हे भूखा मरता हुआ नहीं देखना चाहते है। बुदेलखंड जैसी ही स्थिति बघेलखंड अंचल की है और मालवा में सूखा>डॉ. सुनील शर्मा


 

भारत में कम होते भामाशाह
अमीर देश के गरीब लोग

 

स दिन मेरी बिटिया निबंध पढ़ रही थी, जिस में लिखा था कि भारत एक अमीर देश है, जहाँ गरीब लोग रहते हैं। मुझे आश्चर्य हुआ, भला ये क्या पढ़ रही है बिटिया? मैंने उसकी कॉपी ध्यान >डॉ. महेश परिमल


16 नवम्बर2009

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