संस्करण: 16मार्च-2009

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हमें साम्प्रदायिक सद्भाव मत सिखाइये ओबामाजी

        राक ओबामा ने अमेरिका के राष्ट्रपति का पद सम्हालने के बाद पिछले शासन काल में हुयी अमेरिका की खराब छवि की मरम्मत का अभियान प्रारंभ कर दिया है। गत दिनों उनके एक प्रोजेक्ट 'इन्टरफेथ वर्क एट दि व्हाइट हाउस' को लेकर उनके सलाहकारों में  >वीरेंद्र जैन


पाकिस्तान अराजकता और तानाशाही की ओर

         पाकिस्तान पुन: अराजकता की स्थिति में पहुंच गया है, और ऐसा लग रहा है कि वहां शीघ्र ही कोई तानाशाह सत्ता पर कब्जा कर लेगा। यदि ऐसा होता है तो यह पाकिस्तान की जनता का दुर्भाग्य होगा। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान की जनता चैन से>एल.एस.हरदेनिया


तालिबान की आतंकी हरकतों से विशव शांति को खतरा
अमेरिका और पाक की मुश्किल बढ़ाने के लिए बनी

 'संयुक्त-मुजाहिदीन परिषद'

           मेरिका को भी मानना पड़ा है कि तालिबान की आतंकी हरकतें विश्व शांति के लिए खतरा बनती जा रही है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यह स्वीकार करते हुए आतंकवाद से निपटने के लिए नई रणनीति बनाने का फैसला किया है।जिस तरह अमेरिका>राजेंद्र जोशी


पाक में फिर डगमगाता लोकतंत्

         पाकिस्तान में सत्ता संघर्ष को लेकर रस्साकशी फिर तेज हो गई। पूर्व सैन्य शासक मुशर्रफ की दिलचस्पी के साथ सेनाधयक्ष जनरल कियानी के हस्तक्षेप ने माहौल को काफी तनावपूर्ण बना दिया है। तालिबान से निपटने में विफल हो रहे राष्ट्रपति जरदारी को सत्ताच्युत  >अंजनी कुमार झा


न्याय यात्रा की नौटंक

    भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और उससे जुड़े संगठन सच्चाई पर पर्दा डाल कर भ्रम फैलाने में सिध्दहस्त हैं। इसके ताज़ा उदाहरण हैं मधयप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो इन दिनों केंद्र सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते  >महेश बाग़ी


पुस्तक-समीक्षा ''ना काहू से बैर''

     ए.पी.बुक्स प्रकाशन दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक का शीर्षक, लेखक राजेंद्र जोशी ने ''न काहू से बैर'' कबीर के दोहे को केंद्र में रखकर लिया है। इस पुस्तक में दिग्विजय सिंह पर केंद्रीत तीन प्रकार की सामग्री संकलित है। एक ओर श्री राजेंद्र जोशी का अपना दृष्टिकोण  >राकेश पाण्डेय


''शिक्षा को प्रभावित करती बढ़ती जनसंख्या''

       भारत की कोई भी समस्या आवश्यक रूप से जनसंख्या की समस्या से जुड़ी हुई है। हम अपने देश का कुछ भला नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि हमारी संख्या बहुत अधिक है। आज शिक्षा की स्थिति निराशाजनक है तथा कोई भी इससे अनभिज्ञ नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति>स्वाति शर्मा


प्रतियोगी परीक्षा :  सिर्फ कोचिंग पर्याप्त नहीं
         वर्ष भर में अनेक प्रतियोगी परीक्षाएँ संपन्न होती हैं। इन परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग सेंटर की भूमिका महत्वपूर्ण हो चली है। सामान्यत: विद्यार्थी अब कोचिंग संस्थानों में जाने के आदी हो गये हैं। प्रतियोगी-परीक्षाओं के लिए तो कोचिंग इंस्टीटयूट  >डॉ. गीता गुप्त


सूखे का संकट और चुनावी यज्

      गर्मी का मौसम आते ही बढ़ती गर्मी के साथ देश भर में सूखे का संकट भी बढ़ रहा हैं। कृषि के क्षेत्र में हमारा देश पिछले दस वर्षों से विकास नहीं कर पा रहा है। कृषि विकास दर 2004-05 से 0.05 प्रतिशत थी चालू वित्त वर्ष 2008-2009 में यह गिरावट की >डॉ. राजश्री रावत ''राज''



सौर मंडल में जीवन की तलाश

       पूरे अंतरिक्ष में अभी सिर्फ हमारे सौर मंडल पर ही जीवन है, लेकिन इनसान बड़ी शिद्दत से दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहा है और ताजा अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि पृथ्वी के अलावा मंगल तथा शनि के एक चंद्रमा पर जीवन के संकेत हो सकते >एम.के.सिंहा



 16 मार्च 2009

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