संस्करण: 15जून-2009

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चुनावी युध्द में हार के बाद
भाजपा में गृहयुध्द जैसी स्थित
 पिछले लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी में वैचारिक तूफान आ गया है। इस तूफान की गति उस समय और बढ़ गई जब भारतीय जनता पार्टी के ''थिंक टैंक'' और लालकृष्ण आडवाणी के >एल.एस.हरदेनिया


आधी आबादी के खिलाफ
पंद्रहवी लोकसभा के पहले सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटील के अभिभाषण से शुरू हुई, जिसमें सौ दिनों में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने का संकल्प व्यक्त किया गया। अभिभाषण पर बहस के>महेश बागी


मुश्किलों में घिरे गॉर्डन ब्राउन

टोनी ब्लेयर के बाद सत्ता की बागडोर सभांलने वाले गॉर्डन ब्राउन इन दिनों मुश्किलात में घिरे हुए हैं, उनपर लगातार इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है, उनके मंत्री एक-एक कर इस्तीफा देते जा रहे हैं. मंत्रिमंडल  >नीरज नैयर


सम्हल के रहना अपने घर में
छुपे हुए गद्दारों से
 ''कहती है एक बात हमें, इस देश के पहरेदारों से सम्हल के रहना अपने घर में, छुपे हुए गद्दारों से' फिल्म के एक गीत की ये पंक्तियां हर क्षेत्र में सोलह आने फिट बैठती है। चाहे वह देश की एकता और अखंडता के संरक्षण का >राजेंद्र जोशी


पद्म पुरस्कार समारोह में पुरस्कृत
खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बहाने
गत दिनों भारतीय क्रिकेट टीम के दो सबसे चर्चित खिलाड़ियों को पद्म पुरस्कार लेने आना था पर कहा जाता है कि उन्होंने अपने विज्ञापनों की शूटिंग आदि को वरीयता देते हुये इन पुरस्कारों के समारोह में उपस्थित होना>वीरेद्र जैन


14 जून : विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर
रक्तदान से आप भी घबराते हैं क्या ?
सवा अरब आबादी और रक्तदाता महज 0.5 फीसदी
 राजधानी दिल्ली - जो विश्लेषकों की निगाह में रफ्ता-रफ्ता एक मिनी इण्डिया की शक्ल धारण करती जा रही हो - उसकी धाड़कन से एक तरह से शेष मुल्क के बारे में बहुत कुछ अन्दाज़ा लगाया जा सकता है। >सुभाष गाताड़े


हमारे पी.एम. इन वेटिंग
प्रैल-मई 2009 के महीनों ने देश को बहुत कुछ दिया। 25वीं लोकसभा के आम चुनावों की तेज़ बयार ने देश को एक स्थायी सरकार देने का सफल उपक्रम किया। कुछ माह पूर्व वाम दलों के समर्थन वापस लेने >डॉ. देव प्रकाश खन्ना


राजनीतिज्ञ अपने सामाजिक
दायित्वों को पहचाने
न्द्रहवीं लोकसभा के परिणामों से स्पष्ट हो गया है कि जनमानस ने विकास को चुना है। इस चुनाव में काफी युवा चेहरे विजयी हुए हैं, अनेक अपराधी और बाहुबलियों को पराजय का सामना करना पड़ा है।कई स्थानों >डॉ.सुनील शर्मा


पानी की उपलब्धता का अधिकार
 ल प्रबंधान की समृध्द व उपयोगी प्राचीन परंपराओं वाला देश भयावह व प्राणलेवा जल संकट से जूझ रहा है। दरअसल हमारे नीति नियंताओं ने जीवनदायी जल के अनावश्यक दोहन और उसके बाजारी करण होते जाने>प्रमोद भार्गव


भविष्य की ऊर्जा- हाईड्रोजन ऊर्जा
ढ़ती जनसंख्या एवं ऊर्जा स्त्रोतों के प्रति दोहन के फलस्वरूप ऊर्जा संकट विश्व स्तर की एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर हमारे सामने उभरा है। सर्वविदित है कि पृथ्वी के गर्भ में संचित जीवाश्म ईधान >स्वाति शर्मा
 


नशे का बढ़ता कारोबार चिंताजनक
 हते हैं कि पहले आदमी शराब को पीता है, बाद में शराब आदमी को पीने लगती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अल्कोहल एण्ड इन्जुरी रिपोर्ट 2007 के अनुसार विश्व में प्रति वर्ष 18 लाख लोग शराब के कारण जान >डॉ.गीता गुप्त


मुस्काती ऑंखों में तैरती पीड़ा
  चपन की एक घटना याद आ रही है। एक परिवार को किसी कारणवश अपना मकान बेचना पड़ा। जब सारा सामान बैलगाड़ी में लादा जा रहा था, तब उस घर की एक तीन वर्षीय बच्ची रो-रो कर एक पौधो को उखाडने >डॉ.महेश परिमल
 


आओ, अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें
माज में अधर्म, अनाचार, अनास्था के कारण जो अव्यवस्था और विकृति आती जा रही है उसके लिए जिम्मेदार कौन हैं ? यह प्रश्न अक्सर विचारशील लोगों के बीच उठता रहता है और अक्सर चर्चा का विषय बनता >डॉ. राजश्री रावत 'राज'


15 जून 2009

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