संस्करण: 14  मई-2012

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जनचेतना यात्रा 11 मई 2012 पर विशेष

भाजपा सरकार सुधरती तो यह यात्रा नहीं होती

           ह सच है सरकार चलाना एक बड़ी चुनौती है। पचास से अधिक विभागों का संचालन उसके मैदानी अमले पर नियंत्रण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, जनोन्मुखी शासन देने के साथ ही प्रदेश की बुनियादी जरूरतें पूरी हों इसकी व्यवस्था करना। सामाजिक समरसता और सदभाव हो। सभी धर्मो का सम्मान हो। यह एक लोकतांत्रिक सरकार से अपेक्षा होती है। आम नागरिकों की सुरक्षा, अपराधियों में भय और उन पर अंकुश। यह आसान नहीं है इसके लिए एक प्रभावी नेतृत्व, तीखी दृष्टि, सशक्त श्रवण शक्ति गहरी सोच और समझ की अंतरदृष्टि होना जरूरी है।

  ? अजय सिंह

(लेखक मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है)


हिन्दुत्व के कायर रणबांकुरे

क्या कभी अपने करतूतों के लिए दण्डित हो सकेंगे !

        ई का महिना संघ-भाजपा के लिए नयी नयी मुसीबतों की सौगात लेकर आया। उधर झारखण्ड में सत्ताधारी होने के बावजूद अपने प्रत्याशी को राज्यसभा चुनावों मे मिली शिकस्त के ग़म से परिवारजन उबर ही रहे थे कि राजस्थान में पार्टी दो फाड़ की स्थिति में पहुंची दिखी,और वसुन्धरा राजे की बग़ावत के आगे संघ के स्वयंसेवक गुलाबचन्द कटारिया की प्रस्तावित जनजागरण यात्रा को मुल्तवी करना पड़ा और सूबा मध्यप्रदेश में संघ परिवार से ही सम्बध्द भारतीय किसान संघ के आन्दोलन पर भाजपा सरकार द्वारा चलायी गयी गोलियों से हुई मौत को लेकर पार्टी को बचावात्मक पैंतरा अख्तियार करना पड़ा।

? सुभाष गाताड़े


प्रमुख दलों में खुली

अनुशासन हीनता के खतरे

    वैसे फुटकर समाचार तो आते ही रहते थे किंतु जब एक साथ एक ही दिन एक ही राज्य से दो राष्ट्रीय दलों में खुली अनुशासन हीनता, रोने गाने, मारपीट और कपड़ों के फटने के समाचार मुखपृष्ठ पर एक साथ आये तो इस पर विषयगत की जगह वस्तुगत रूप में विचार करना जरूरी हो गया। गत दिनों राजस्थान से समाचार आये कि प्रदेश भाजपा में कोर कमेटी की बैठक में से बाहर निकल कर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विपक्ष की नेता वसन्धुरा राजे सिन्धिया ने पार्टी से त्यागपत्र देने का विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के सदस्यों की भावना से प्रभावित कर पाने में असमर्थ रही हूं इसलिए त्यागपत्र देने का विचार कर रही हूं।

? वीरेन्द्र जैन


किसान की मौत और भाजपा की गलत बयानी

झूठ की राजनीति कब तक चलेगी

          राजनीति में विरोधी पार्टी को घेरना सामान्य बात है, लेकिन इस हद तक दोयमदर्जे की राजनीति भाजपा और उसकी मध्यप्रदेश सरकार करेगी इसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। और तो और सत्ता के लिए अंधी हो चुकी इस पार्टी ने पहले राजनीति के तहत किसानों को भड़कने दिया और जब दो किसानों की मौत से,एक ने आत्महत्या कर ली और दूसरा पुलिस की गोली से मारा गया,बाजी उलटी पड़ गई तो अपने ही आनुांगिक संगठन को कटघरे में खड़ा कर दिया और किसान संघ के 30 साल के संघर्ष पर बट्टा लगा दिया।

? विवेकानंद


हलधर की हथेली के छाले !

सियासत की आग के हवाले !

         क्या आपको कभी किसी किसान यानि कि हलधर के हाथ के छाले देखने का और उन पर मरहम लगाने का अवसर मिला है ? यदि हां तो सचमुच ही आप उन फफोलों के दर्द की कराह का तर्जुमा समझ सकते है, और यदि नहीं तो आप कभी भी नहीं समझ सकते कि इंसान की जिन हथेलियों को सेमल की रूई की तरह नरम होना चाहिए थी वे पत्थर सी कड़क क्यों हैं और उनमें किस तरह की टीपन पड़ी है। मैं अपने उन अनुभवों को आपके साथ शेयर करना चाहता हूं जब मैं मेरे गांव के हलधर कहे जाने वाले कृषकों के हाथों की इस स्थिति से गुजरा हूं। 

 ? राजेन्द्र जोशी


नये रंग में भ्रष्टाचार

मध्यप्रदेश के शिक्षामंत्री ने की 11 करोड़ की हेराफेरी : कांग्रेस का आरोप

           ला भ्रष्टाचार का रंग से क्या ताल्लुक हो सकता है? क्या भ्रष्टाचार का भी कोई रंग होता है? भ्रष्ट आचरण करने वालों के चेहरे का रंग बदलने के किस्से तो बहुत पढ़े सुने लेकिन रंग बदलने के बहाने भ्रष्टाचार का कोई रास्ता निकाल लिया जायेगा यह सोचना भी मुश्किल है। मध्यप्रदेश आजकल लगभग साढ़े 11 करोड़ रूपये के जिस भ्रष्टाचार का मामला चर्चा में है उसका संबंध रंग से है। रंग के माध्यम से भ्रष्टाचार का यह अनोखा मामला है। काले, हरे, रंग से जुड़े इस भ्रष्टाचार के मामले में राज्य की शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस पर जो आरोप लगे है उनसे वे खुद गुस्से में लाल पीली नजर आ रही है।

? अमिताभ पाण्डेय


क्या हुआ युवा नीति का,

कहां है युवा आयोग?

       प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनगिनत घोषणाएं कीं और करके भूल गए। युवा नीति को ही लें, इसका क्या हुआ, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अधयक्षता में 5 अगस्त 2008  को हुई बैठक में युवा नीति को मंजूरी दी गई थी। इस नीति के मुताबिक हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार भी प्रदान किया जाना था। नई युवा नीति के माध्यम से युवतियों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई थी। इस नीति में सर्व शिक्षा अभियान, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के दौरान जीवन कौशल के विकास एवं रोजगार तथा स्वरोजगार स्थापित करने के प्रयास भी शामिल किए गए हैं। उच्च शिक्षा के सभी पाठयक्रमों को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना करने की बात भी कही गई थी।

? अनवर सिद्दीकी


व्यापार बनती चिकित्सा शिक्षा

      न 1965 में जब पहली बार 'माफिया' शब्द का प्रयोग शुरू हुआ तो किसी को अंदाजा भी नहीं होगा  कि एक दिन अंडरवर्ल्ड , ड्रग के सौदागरों के लिए प्रयोग होने वाला यह शब्द सभ्य समाज के आधार शिक्षा को भी अपनी चपेट में ले लेगा। शिक्षा माफिया अब एक कल्पना नहीं बल्कि हकीकत बन चुका है। और सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि पिछले कुछ सालों में मेडिकल माफिया एक ऐसे दुस्वप्न के रूप में सामने आया है जो चिकित्सा शिक्षा के नाम पर नियमों की कब्र पर दौलत का अंबार खड़ा कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा के लिए बनाए गए मानकों , नियमों की कब्र पर खड़े इन संस्थानों से अब डाक्टरों नहीं बल्कि ड्रैकुला डाक्टरों की फौज यादा निकल रही है। बड़े षडयंत्रपूर्वक ढंग से सरकारी क्षेत्र केउच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा वाले संस्थानों को खत्म कर समानांतर चिकित्सा संस्था तंत्र खड़ा किया जा रहाहै।

? महेश बाग़ी


कैसे निर्मित हो बच्चियों की महफूज दुनिया

        लाहाबाद राजकीय अनाथालय में बच्चियों के साथ यौनहिंसा के मामले की चर्चा अभी जारी ही थी कि गुडगांव अनाथालय का मामला प्रकाश में आ गया है। और हम इस कड़वी हकीकत से रूबरू हैं कि समाज में छिपे ऐसे दरिन्दों को पहचानने और उनपर पहले ही काबू पा लेने में लगातार असफलता हाथ लग रही है।

? अंजलि सिन्हा


... ताकि फिर अपहरण न हो!

    सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन की रिहाई एक सुखद खबर है। उनकी रिहाई के तुरंत बाद क्षेत्र के आदिवासियों को फर्जी रूप से फसाए जाने के आरोपों की जांच के लिए सरकार द्वारा एक हाई पावर कमेटी का गठन किया जाना सुकमा कलेक्टर के अपहरण के बाद से ही पैदा हुई परिस्थितियों के सुखद अंत का संकेत माना जा रहा है। इसके लिए माओवादी, दोनों तरफ के मध्यस्थ और राज्य सरकार बधाई की पात्र है। पल पल की रिपोर्टिंग को आतुर समाचार चैनलों ने जिस तरीके से पीपली लाइव के तर्ज पर सुकमा लाइव का अहसास कराया, उससे अपहरण की इस घटना के पटाक्षेप में कितनी सहायता मिली,यह तो मध्यस्थता कर रहे लोगो की टीम ही बेहतर बता सकती है। 

 

? एकता सिंह


मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ी महिला वैज्ञानिक टेसी थॉमस के क्रम में -

विज्ञान में महिलाओं का सफर

     वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं की कम भागीदारी का मुद्दा वैश्विक चिंता का विषय बना है। इसीलिए भारतीय विज्ञान कांग्रेस ने अपने समारोह का विषय रखा था,'समावेशी नवोन्मेष के लिए विज्ञान और तकनीक में स्त्रियों की भूमिका।' महिला वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से यह एक उत्तम विचार था। अब यह विचार और आगे बढ़ सकता है। क्योंकि प्रक्षेपास्त्र ;मिसाइल अग्नि-5के सफल परीक्षण के बाद महिला वैज्ञानिक टेसी थॉमस की मुख्य भूमिका उभर कर सामने आई है। मिसाइल मैन डॉ अब्दुल कलाम की प्रमुख शिष्या रहीं डॉ थॉमस को भी इस परीक्षण के बाद 'मिसाइल वुमन'अथवा 'अग्नि-पुत्री'नामों से संबोधित किया जाने लगा है। मिसाइल कार्यक्रम का संपूर्ण नेतृत्व संभालने वाली वे देश की पहली महिला वैज्ञानिक बन गई हैं।

? पारुल भार्गव


बढ़ती हुई जनसंख्या अफ्रीका के विकास में
सर्वाधिक बाधक

    फ्रीका महाद्वीप के देशों में जिस द्रुतगति से जनसंख्या बढ़ रही है उससे ऐसा लगता है कि इस शताब्दी के समाप्त होते-होते दुनिया की आबादी में उनका हिस्सा एक तिहाई हो जायेगा। अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है नाइजीरिया। इस समय नाईजीरिया की आबादी 167मिलियन (लगभग 17करोड़ हैं)जिस गति से नाईजीरिया की आबादी बढ़ रही है उससे ऐसा लगता है कि इस शताब्दी के अंत तक नाईजीरिया की आबादी 30 करोड़ हो जायेगी। दुर्तगति से बढ़ती आबादी ने नाईजीरिया के निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। नाईजीरिया में एक 50सदस्यीय परिवार 7X11 फीट के कमरे में रह रहा है। यह स्थिति लगभग पूरे देश की है। इन 50 सदस्यों के लिये एक ही रसोईघर, एक स्नानागार और एक टायलेट है। नल तो लगा है परंतु कभी-कभी नलों में एक बूंद पानी नहीं आता है। 

? एल.एस.हरदेनिया


तकनीकि शिक्षा के स्तर में गिरावट के लिए

नियामक ही जिम्मेदार ?

     देशभर में तकनीकि शिक्षा प्रदान करने का जिम्मा अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद को है। इस संस्था के कंधों पर इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन की शिक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं को मान्यता के साथ साथ पढ़ाए जाने वाले पाठयक्रम का निर्धारण सहित देश में तकनीकि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने की अह्म जिम्मेदारी है। अभी हाल ही में इस संस्था के मध्य क्षेत्र के जिम्मेदार अफसर रायपुर में निजी इंजीनियरिंग कालेज को मान्यता देने के मामले में रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं,सीबीआई की टीम ने इस टीम के पास से बड़ी मात्रा में नकद राशि सहित सोने के सिक्के बरामद किए है।

? डॉ. सुनील शर्मा


रेटिंग एजेंसियों के पक्षपातपूर्ण रवैया

तंगहाल अमेरिका भारत से मजबूत कैसे ?

 

    स्टैंडर्ड एंड पूअर्स, ये नाम बोलने में भले ही कठिन लगे लेकिन इसकी पहचान अब काफी आसान हो गई है। खासकर, मंदी के दौर से गुजर रहे अमेरिकी की रेटिंग घटाकर इस एजेंसी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इसके सुर्खियां बटोरने की एक और वजह थी भारतीय अध्यक्ष का होना। देवेन शर्मा ने अमेरिका की शीर्ष स्तर एएए रेटिंग को घटाकर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। 

? नीरज नैयर


  14 मई2012

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