संस्करण: 14 मार्च -2011

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


लॉग इन करें, ब्रांड बनाएं

आईटी सेक्टर पाकिस्तान को स्थिर व समृध्द बनाने के लिए भारत की दावेदारी बढ़ाने में मदद कर सकता है
 

  भारत और पाकिस्तान के बीच दोबारा बातचीत शुरू होना है,, यह समय अनुबंध के अन्य रास्तों पर गौर करने का है, जो रिश्ते सुधारने में मदद कर सकता है या कम से कम अविश्वास को कम कर सकता है। >सुनिल खिलनानी एवं अरविन्द सुब्रमनियम


भारतीयों का दोहरापन गिरेबां में झांकने का वक्त


  लेशिया में भारतीय मूल के निवासियों की गिरतारी का मसला पिछले दिनों सूर्खियां बना था। बताया गया कि हिन्ड्राफ नामक संगठन के कार्यकर्ता इस बात से नाराज थे कि मलेशिया के स्कूलों में बच्चों के >सुभाष गाताड़े


रामदेव बने भाजपा के भोंपू

 

  ब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि बाबा रामदेव का भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान मात्र कांग्रेस-विरोधी अभियान है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि पर्दे के पीछे से बाबा रामदेव के अभियान को भारतीय जनता पार्टी समेत >एल.एस.हरदेनिया


प्रधनमंत्री को सजा

 

  प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के अंदर एक कुशल प्रशासक के सारे गुण हैं। वह बुध्दिमान हैं, पढ़े लिखे हैं, उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है। इस के अलावा वह शरीफ, भोले भाले तथा ताम झाम से दूर रहने वाले सादगी पसंद व्यक्ति हैं। >मोकर्रम खान


विवाह की परम्पराओं में व्यापक सुधार की जरूरत

 

   त दिनों में हरियाणा के पूर्व विधायक सुखवीर सिंह जौनपुरिया की बेटे की शादी दिल्ली के कांग्रेस के नेता कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित कंवर से हुयी और इस शादी में व्यय किये गये धन ने >वीरेंद्र जैन


स्व. अर्जुन सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली

  ध्यप्रदेश में साहित्य, कला और संस्कृति की पहचान को अंतर्राष्ट्रीय बनाने में जितनी भूमिका तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अर्जुन सिंह की रही उससे ज्यादा रूचि बाद के मुख्यमंत्रियों के जमाने में देखने को नहीं मिली। >राजेंद्र जोशी


अफगानिस्तान किस राह पर ?

 

  फगानिस्तान के ताजा हालात से दुनिया चिंतित है। अमेरिका जुलाई 2011 से वहां से अपनी सेना की वापसी शुरू कर देगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार भी इस बात से सहमत हैं कि अमेरिका अपने वादे पर >महेश बाग़ी


मुनाफे की हवस में बदलता दवा कारोबार

 

  देशी-विदेशी दवा कंपनियां देश और रोगियों के साथ किस बेशर्मी की हद तक छल कर रही हैं इसका खुलासा नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने हाल ही में किया है। >प्रमोद भार्गव


धरती से खत्म होती प्रजातियां

 

  कैलिफोर्निया युनिवर्सिटी के वैज्ञानिको का कहना है कि आने वाले समय में धरती से बड़ी संख्या में स्तनधरी विलुप्त हो सकते हैं। अगर लुप्त हो रहे इन स्तनधारियों को नहीं बचाया गया तो धरती से प्रजातियों का सामूहिक विलोप होना तय है। >डॉ. सुनील शर्मा


भारतीय कृषि को पुनर्भाषित करने की जरुरत

 

  क ऐसे समय में जब कृषि योग्य जमीन लगातार घट रही हो और उस पर निर्भर होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही हो, यह जरुरी हो जाता है कि कृषि की ढाचागत व्यवस्था को नये सिरे से पारिभाषित किया जाय। >सुनील अमर


पुलिस क्यों नहीं बन पा रही जनता की पुलिस

 

  वैसे तो हमारे सारे देश में राजनैतिक व सामाजिक स्तर पर नेता लोग ऐसी घोषणाएं करते नहीं थकते कि हमारे देश में लोकतंत्र की जड़े बड़ी गहरी होकर जम गई है। >डॉ. देवप्रकाश खन्ना


अब हममें कहाँ बचा मातृभाषा का गौरव

 

  हाल ही में हमारे बड़े करीब से मातृभाषा दिवस गुजरा। किसी को याद है? शायद नहीं, क्यों? हम स्वयं ही भूल चुके हैं कि हमारी मातृभाषा क्या है। भाषा के बारे में अक्सर कहा जा सकता है कि एक भाषा खत्म होती है, >डॉ. महेश परिमल


14 मार्च -2011

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved