संस्करण: 13  जनवरी - 2014

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


'आप की क्रान्ति' :

तरीका नया, सोच वही

     दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रा कहे जानेवाला हिन्दोस्तां और दुनिया के सबसे ताकतवर लोकतंत्र में शुमार संयुक्त राज्य अमेरिका - जो इन दिनों बिल्कुल अलग कारणों से आपस में एक नूराकुश्ती में लगे हुए हैं - के दो अहम शहर न्यूयॉर्क और दिल्ली, पिछले दिनों लगभग एक ही किस्म के कारणों से सूर्खियों में रहे।  

? सुभाष गाताड़े


घोषित पीएम पद प्रत्याशी का अघोषित चुनाव क्षेत्र

        ले ही उस पर भाजपा में घमासान मच चुका हो किंतु उन्होंने अपना प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी बहुत पहले से ही घोषित करके छोड़ दिया था,और कहीं नकली लालकिला और कहीं नकली संसद का मंच बनवा कर हुंकार, ललकार रैलियां करवाने लगे थे। जब दो दिन पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जैटली यह कहते हुये पाये गये थे कि भाजपा में प्रधानमंत्री पद के दस से अधिक लोग योग्य हैं, वही जैटली दो दिन बाद कहने लगे थे कि यदि भाजपा को हिट विकेट होने से बचना है तो मोदी को तुरंत ही प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी घोषित करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका से तीन महीने का पब्लिक रिलेशन और इमेज मैनेजमेंट का कोर्स किया हुआ है ....

? वीरेन्द्र जैन


दागियों को संरक्षण और भ्रष्टाचार में

जंग का दावा

     हाल ही में जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को आदर्श हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट आवंटन को आई रिपोर्ट पर पुनर्विचार करना चाहिए, तब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे दिखावा बताया। लेकिन बड़े ही फक्र से भ्रष्टाचार के आरोपों में कुर्सी से हटाए गए कर्नाटक के अपने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पार्टी में शामिल कर लिया। भारतीय जनता पार्टी ने यह शुभ कार्य तब किया है जबकि उसके प्रधानमंत्री पद के दावेदार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हर रैली में यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहते हैं।

 ? विवेकानंद


एक समय मुसलमानों के सरपरस्त रहे मुलायम सिंह को क्या हो गया है?

      खिर उत्तरप्रदेश के समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव को, जो मुसलमानों के संरक्षक समझे जाते थे उन्हें क्या हो गया है?वे और उनके पुत्र अखिलेश यादव जो देश के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं कुछ ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं जो सभी की समझ के बाहर हैं।वे एक के बाद एक गलतियां कर रहे हैं। और कुछ मायनों में उनका व्यवहार ठीक वैसा ही है जैसा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2002के दंगों के दौरान और उसके बाद किया था और किया है।

? एल.एस.हरदेनिया


भारतीय जनता पार्टी को नये साथी नहीं मिल रहे

अपने 182 सीट के रिकॉर्ड के पास पहुंचना भी उसे होगा कठिन

              लोकसभा के आम चुनाव अब तीन महीने ही दूर हैं। उसके बाद क्या स्थिति होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। कांग्रेस की सरकार बनने के कोई आसार नहीं दिख रहे। भाजपा की सरकार बनने पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं। अब दोनों के बीच इस बात को लेकर मुकाबला होना है कि उनमें से कौन लोकसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती है। यदि हम भारतीय जनता पार्टी को पिछले 4लोकसभा चुनावों में मिली सफलता का आकलन करें, तो पाते हैं कि इस बार पार्टी को 1998 और 1999 में मिली 182 सीटों से ज्यादा सीटें मिल पाना आसान नहीं होगा।

 ?   हरिहर स्वरूप


भाजपाई बौखलाहट

के निहितार्थ

           देश के भ्रष्टतम नेताओं में शुमार और सपरिवार-रिश्तेदार जेल जाने वाले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदुरप्पा को इसी आरोप में पार्टी से निकालने के एक साल बाद भाजपा फिर से वापस लेने जा रही है तथा इस समारोह के लिए 18 जनवरी की तिथि भी घोषित कर दी गई है। दिल्ली में सरकार बनाने के जो घटनाक्रम हुए तथा विधानसभा में आप सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान भाजपा नेताओं ने जिस तरह का आचरण और बयान दिया उससे देश में सरकार बनाने का दावा करने वाली इस राष्ट्रीय पार्टी की बौखलाहट तथा विचारों के खोखलेपन का पता चलता है।  

? सुनील अमर


'बंगाल गजट' से हुई थी भारत में मुद्रित पत्रकारिता की शुरुआत

      माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी माकपा प्रमुखत्रकारिता किसी-न-किसी रूप में मानव सभ्यता के शुरूआत से ही रही है। उस दौर की पत्रकारिता आज की पत्रकारिता से बिल्कुल भिन्न थी। चाहे अशोक के समय में पत्थरों की शिलाओं पर लिखे हुए लेख हों या मुगल काल में खबरनवीस या वाकयानवीस,इन सबको पत्रकारिता का ही प्रारंभिक रूप माना जाता है। ये शिलालेख या वाकयानवीस शासन की बात को जनता तक और जनता की बातों को शासन तक पहुंचाने के प्रमुख माध्यम थे। बात प्रिंट पत्रकारिता की करें तो दे श में पहली बार पत्रकारिता के लिए प्रेस का इस्तेमाल 29जनवरी, 1780को किया गया।

?  विकास चन्द्र

(लेखक संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) में पीएच. डी. जनसंचार विषय के शोधार्थी हैं।)


भारत को मिली

एक और बड़ी कामयाबी

     भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी छलांग लगाते हुए हाल ही में स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के साथ अपने रॉकेट जीएसएलवी डी-5 का सफल प्रक्षेपण किया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धावन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित 49.13 मीटर लंबा यह रॉकेट अपने साथ 1,982 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह जीसेट-14 ले गया था, जिसे उसने सफलतापूर्वक वांछित कक्षा में स्थापित कर दिया। इस सफल प्रक्षेपण के साथ ही इसरो अमेरिका, रूस, जापान, चीन और फ्रांस के बाद दुनिया की छठी एजंसी बन गया, जिसके पास स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन की व्यवस्था है।

 

? जाहिद खान


संदर्भ :-केन और बेतवा नदी को जोड़ने की तैयारी

नदी जोड़ो अभियान में आई तेजी

        दियों को जोड़ने वाली जिस बडी परियोजना का कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश पर्यावरण के साथ खिलवाड के बहाने इस योजना को बिनाषकारी मान रहे थे, अब उन्हीं की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार इसे धरातल पर उतार रही है। इस योजना की राह में राजनीति और पर्यावरण से  जुडे गतिरोध कमोवेश समाप्त हो गये हैं। केन्द्र सरकार केन और बेतवा नदियों को जोडने की मानसिकता बना चुकी है। कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार है। प्रस्ताव का पारित होना कागजी खानापूर्ति भर है।  

? प्रमोद भार्गव


मध्यप्रदेश में लगातार जारी है

बाल लिंगानुपात का घटना

      भारत में महिलाओं का घटना लिंग अनुपात एक विकराल समस्या बन कर उभर रही है, जो कि लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा आंकड़ों (2011जनगणना)के अनुसार देश में छह वर्ष तक की उम्र के बच्चों के लिंगानुपात में सबसे ज्यादा गिरावट देखने में आयी है जो कि सरकार और समाज दोनों के लिए ही शर्मनाक और चिंता की बात है।      

? उपासना बेहार


स्कूल में मवेशी,

आंगनवाडी में भूसा

        ध्यप्रदेश में बहुमत की लहर पर सवार होकर सत्ता में आई भाजपा सरकार के मंत्री अपनी घोषणाओं से प्रदेश की जनता के मन में बड़ी उम्मीदें जगा रहे हैं। मंच, माला, जिन्दाबाद जैसे नारो के बीच शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का ऐलान हो रहा है तो महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने,बच्चों की सेहत को बेहतर बनाने के दावे केबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री के मुख से निकलकर राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक गलियारों में गूंज रहे हैं। नये मंत्रियों की नई-नई घोषणाओं को क्रियान्वित करने की कार्यवाही भी शुरू हो गई है।

? अमिताभ पाण्डेय


  13जनवरी  -2014

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved