संस्करण: 11फरवरी-2008

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प्रधानमंत्री की चीन यात्रा और भारत चीन सीमा विवाद
हमारे प्रधानमंत्री की हालिया चीन यात्रा के बाद पत्रकारों को दिया गया बयान भले ही औपचारिक हो किंतु उनकी मुस्कान औपचारिक नहीं थी अपितु वह वास्तविक  संतोष की खुशी को प्रकट कर रही थी।  >वीरेन्द्र जैन


  


             

विश्व पटल पर भारत की धमाकेदार धमक
हिन्दुस्तान आजादी की 60 वीं वर्षगांठ मना रहा है। इन 60 सालों में देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। विकास के अनगिनत कीर्तिमान रचे गए हैं। 1947 और 2008 के भारत में जमीन-आसमान का अंतर है। तीव्रगति से शिखर  >एम.के.सिंह


पुलिस का राजनीतिकरण
मधयप्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद है। राजधानी भोपाल हो या इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर। हर जगह अपराधियों ने सिर उठा रखे हैं और पुलिस प्रशासन बेबस नज़र आ रहा है। लूटमार और राहजनी में भोपाल सबस  >महेश बाग़ी


          


                     

क्षेत्रीयता फैलाने से राष्ट्र को क्षति
विद्वेष व घृणा, भय व आतंक के घिनौने चेहरे को पेश कर मुम्बई में गुंडागर्दी का तांडव बेअसरकारी के साथ कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गया। शिवसेना से अलग हुई राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना उसी मुद्दे को केन्द्रित कर >अंजनी कुमार झ


राष्ट्र निर्माण से जुड़े साधु समाज
साधु समाज की रचनात्मकता से जुड़ी एक खबर सामने आई है कि महाराष्ट्र के भोईरपाड़ा में शिरडी के साईंबाबा मंदिर न्यास और सुजलान कंपनी के संयुक्त प्रयासों के फलस्वरूप पिछले पांच माह के भीतर पवनचक्की परियोजनाओ  >प्रमोद भार्गव


                   


                  


संदर्भ - बाल विवाह कच्ची उम्र और सात फेरे कब आयगी जन जागृति और कब सक्रिय होगा तंत्र!
आज ज्ञान का इतना अधिक विकास हो चुका है कि मानव ने आसमान की ऊंचाई और पाताल की गहराई को नापकर रख दिया हैं। अपनी बुध्दि और विवेक से  >राजेन्द्र जोश


गिरावट से सबक सीखने का वक्त
सेंसेक्स एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार अपनी ऊंचाइयों को लेकर नहीं बल्कि बीते दिनों आई जबरदस्त गिरावट को लेकर. 21 व 22 जनवरी को सेंसेक्स की सूनामी में करोड़ों बहने से पूर्व जो निवेशक टाटा   >नीरज नैयर


                     


      

खटमल, मच्छर और मुर्गियों ने उड़ाई मानव के नयनों की नींद
खटमल और मच्छर का नाम सुनते ही हमारी रुह कांप जाती है तथा मन में इससे निजात पाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे जन्म लेने लगते है। >दुलार बाबू ठाकुर


''बिना ताज़ के राज कर रहा है संघ और (आर.एस.एस.)''
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ स्वयं की राजनैतिक संगठन न मानकर विशुध्द सामाजिक संगठन घोषित करता रहा है। किन्तु इसकी कथनी और करनी में जमीन आसमान का अन्तर दिखाई देता है।  >राजेन्द्र श्रीवास्तव


                 


            


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भेदभाव में उलझा मध्यान्ह भोजन
गैरबराबरी, जातिगत भेदभाव की जड़े ग्रामीण समाज में कितने गहराई तक जमी है इसकी एक मिसाल रोली पीपलिया नामक गांव में देखी जा सकती है जहाँ स्कूली बच्चों को मिलने वाला मधयान्ह भोजन दलित और सवर्ण  >अमिताभ पाण्डेय


          


 


नर्मदा जयन्ती - 13 फरवरी पर विशेष भोग और मोक्ष दायिनी नर्मदा
नर्मदा की गणना देश की पांच बड़ी तथा सात पवित्रतम नदियों में की जाती है। इसकी महिमा का वर्णन पुराणों में किया गया है। स्कन्द पुराण का रेवा खण्ड तो नर्मद  >बालमुकुंद भारती


15 फ़रवरी पुण्यतिथि पर विशेष
राष्ट्र-प्रेम का पर्याय : सुभद्राकुमारी चौहान

'बुन्देले हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी थी ख़ूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी।'सुभद्राकुमारी चौहान की कविता 'झाँसी की रानी' की ये पंक्तियाँ >डॉ. गीता गुप्त


                     


                 


''मोबाइल-जेब में बज़ती खतरे की घंटी''
क्या आपको पता है कि आपकी जेब में ही आपका एक शत्रु बैठा है। जी हाँ, यह सच है कि मोबाइल फोन भी आपका एक बहुत बड़ा शत्रु हो सकता है। आज अपने चारों तरफ नज़र दौड़ाएँ तो जाने कितने ही व्यक्ति आपक  >स्वाति शर्मा


कॉर्पोरेट जगत के आकर्षण में खोता देशप्रेम
ग्लोबलाइज़ेशन, बाज़ारवाद और प्रतियोगिता के इस दौर में हर युवा को तलाश होती है एक ऐसे कैरियर की जहाँ उसे डिग्री के साथ-साथ ऐसी नौकरी या रोज़गार प्राप्त हो जहाँ वह अधिक से अधिक धन कमा सके। >डॉ. राजश्री रावत 'राज'


     


 
                  11 फ़रवरी 2008
 

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