संस्करण: 10अगस्त-2009

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भ्रष्टाचार पर लगाम

किसने ने सोचा होगा कि संसद की जन्मदाता, ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स अपने मंत्री सहित कई बड़े नामों के एक बड़े भ्रष्टाचार के उजागर होने से, विश्व से पहले शर्मसार होगी? यह कोई संस्थागत जांच-पड़ताल> ए.जी.नुरानी


 

भोपाल का पानी :
आखिर लन्दन स्थित डाऊ केमिकल्स का मुख्यालय अचानक वीरान क्यों हो गया ?

भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने यूनियन कार्बाइड के पूर्वचेअरमैन वॉरन एण्डरसन - जो गैस काण्ड के मुख्य अभियुक्त हैं, जिसमें वर्ष 1984 में 15,000 से अधिक लोग मारे गए थे - के खिलाफ पिछले दिनों गिरफ्तारी > सुभाष गाताड़े


 

छाने लगे महाराष्ट्र में निर्वाचन के बादल
 

महाराष्ट्र में राज्य विधान सभा की अवधी के पांच वर्ष पूरे होने में ज्यादा देर नहीं हैं। कभी भी किसी भी दिन देश का निर्वाचन आयोग निर्वाचन की तिथि घोषित करने ही वाला है। वैसे तो कुछ अन्य राज्यों में भी>राजेंद्र जोशी


 

पिछले दरवाजे से
संसद पहुंच रहे हैं संघ के प्रचारक

मप्र से राज्य सभा की दो सीटों पर अभी हाल ही में हुए चुनाव में संघ के दो पूर्व खांटी प्रचारकों के निर्विरोध निर्वाचित होने से एक बार फिर ये साबित हो गया है कि, बीजेपी पर संघ का दबदबा आगे भी बरकरार रहेगा। >जाहिद खान


गोर्शकोव पर उंगलियां उठाना नासमझी है


जब से रूस के साथ गोर्शकोव सौदे पर कैग ने आपत्ति जताई है, तब से राजनीतिक हलको में बेचैनी का माहौल है. इस सौदे को लेकर सरकार पर उंगलियां उठाई जा रही हैं, वैसे देखा जाए तो उंगलिया उठना लाजमी भी है क्योंकि> नीरज नैयर


शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दरकार
 

केन्द्रीय मानव संसाधान विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने सबके लिए शिक्षा अनिवार्य करने संबंधी विधेयक तैयार कर सराहनीय कार्य किया है। वास्तव में स्वस्थ समाज और प्रगतिशील राष्ट्र के लिए उसके नागरिकों का शिक्षित >   महेश बाग़ी


बिकती शिक्षा,
फर्जी शिक्षक और मुर्दा भारत


ये देश सड़ा हुआ क्यों है। क्यों इस देश का राष्ट्रीय चरीत्र भ्रष्ट हो गया है। क्या माननीय शिक्षा मंत्री शिक्षा माफियाओं से अनभिज्ञ है। क्यों महानतम इतिहास का अगुआ भारत एक दरिद्र और मुर्दा राष्ट्र है।>डॉ. मृत्युंजय जोशी


प्रेमचन्द महान साहित्यकार के साथ
महान पत्रकार भी थे


प्रेमचन्द जितने महान कथाकार थे, वे उतने ही महान पत्रकार थे। वे एक प्रतिबध्द साहित्यकार व उतने ही प्रतिबध्द पत्रकार भी थे। प्रेमचन्द ने अपनी पत्रकारिता के दो लक्ष्य निधार्रित किए थे-पहिला भारतवासियों को उनके>एल.एस.हरदेनिया


कृषि में जोखिम का न्यूनीकरण हो
 


रम्मू महाराज तुअर की खेती करते हैं, फरवरी में जब तुअर तैयार हो रही थी तभी बारिश हो गई जिससे तुअर के दानों की क्वालिटी खराब हो गई और खराब दानों की तुअर को रम्मू महाराज बाजार से काफी कम दामों में>डॉ. सुनील शर्मा


''सच का सामना'' के बाबत्
संसद में इतना हो हल्ला क्यों ? :

 ''सच का सामना'' सीरियल जो स्टार टीवी पर आ रहा है के सम्बंध में कुछ कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आयी है एवं कुछ लेखकों के लेख भी सामने आये है। विगत दिनों संसद में इस सम्बंध में कुछ सांसदो ने यह कहकर>राजीव खण्डेलवाल


15 अगस्त : स्वतंत्रता दिवस पर विशेष
भारतीय स्वतंत्रता और स्त्री की विकास यात्रा

कर सकते हैं। भारत के प्रथम विधि मंत्री श्री भीमराव अंबेडकर ने अस्थायी संसद में जो हिंदू कोड बिल पास कराने की चेष्टा की, उसका उद्देश्य स्त्रियों को पुरुषों के बराबर अधिकार देना ही था। कुछ राजनेताओं ने इसका>डॉ. गीता गुप्त




10 अगस्त-2009

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