संस्करण: 09मार्च-2009

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गाँधी, बिजली संकट और शिवराज सिंह

श्री शिवराज सिंह चौहान, मान. मुख्यमंत्री, म.प्र. द्वारा अभी हाल में महात्मा गाँधी की दाण्डी मार्च की नकल करते हुये तथाकथित कोयला मार्च का आयोजन प्रदेश सरकार की विद्युत उत्पादन, >दिग्विजय सिंह(लेखक अ.भा.कां.क. के महासचिव है)


कोयले पर केंद्र्र सरकार से टकराव का निंदनीय प्रयास

ध्यप्रदेश के इतिहास में पांच बार ऐसे अवसर आए हैं जब केन्द्र और राज्य में पृथक-पृथक पार्टियों की सरकारें सतारूढ़ रही हैं। इस तरह के अवसर सन् 1969 से 1972, 1990 से 1992, 1996 से 2003, 2004 से 2008, और अब 2008 दिसंबर से >एल.एस.हरदेनिया


कर्मचारियों को वेतनवृध्दि और उनकी जिम्मेवारियां

केन्द्रीय व राज्य सरकारों के कर्मचारियों के लिए छठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद जो वेतनवृध्दिया हुयी हैं उनसे सरकारी कर्मचारियों और गैर सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशन पाने वालों और पेंशन न पाने वालों के बीच   >वीरेंद्र जैन


भाजपायी हिंदुत्व के मायने

कुछ समय पहले जब अमरनाथ मामला गहरा गया था, तब भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने का ऐलान किया था। उसके अनुवांशिक संगठन विश्व हिंदू परिषद ने इस मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी चक्काजाम किया था, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ-साथ भाजपा न >महेश बाग़ी


पारंगत हो जाओ भाषणबाजी मेंखूब भरमाओ जनता को,
जीत लो चुनाव का मैदान

ह क्या होता जा रहा है राजनैतिक दलों को। सत्ता प्राप्ति का ऐसा भी क्या जुनून, कि बदल ही जाय जनसेवा करने के मापदंड। जनता का विश्वास अर्जित करने के लिए जरूरी है, कुछ कर दिखाने की। इसके लिए राजनैतिक दलों को परस्पर प्रतिस्पार्धा करते समय अपने सिध्दांतों, उसूलों, वायदों>राजेंद्र जोशी


राजनीति में गठबंधन

म चुनाव की आहट के साथ ही गठबंधान राजनीति का खेल शुरू हो गया है। क्षेत्रीय दलों के मुखिया खासतौर से कांग्रेस को रिझाने अथवा उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने   >प्रमोद भार्गव


शांति के दुश्मन कौन ?

पाकिस्तान में सियासत के शह पर तालिबान के 'आतंक' को निष्क्रिय करने के लिए ओबामा मानव रहित विमानों से अमन लाने के लिए बमों की बरसात करा रहते हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि पाक की सरजमीं पर आतंक के >अंजनी कुमार झा


भारत के लिए बंगलादेश पाकिस्तान से अधिक खतरनाक
म सभी एक बार फिर चुनावी दंगल के मुहाने पर आकर खड़े हो गए हैं। हमारे सामने वही चिरपरिचित चेहरे आएँगे, एक तरह से याचक बनकर। केवल वोट की खातिर, वे कुछ समय के लिए हमारे सब-कुछ होना चाहेंगे। वे हमसे हमारी >डॉ. महेश परिमल


किसान को मिले आजीविका की सुरक्षा

म.प्र. सरकार ने अपने कर्मचारियों को छठां वेतनमान घोषित कर उनके वेतन में वृद्वि कर लगभग साढे चार लाख कर्मचारियों को अपने पाले में करने की कवायद कर ली है। परन्तु कर्मचारियो की संख्या से बीस गुना से>डॉ. सुनील शर्मा



''मानव संसाधन विकास को चुनौती देता-कुपोषण''

फ्रांस के गणिता मारक्विज कंडरसेट ने लिखा था कि अगर बच्चे खुशहाली के लिए पैदा किए जाएँ, न कि मात्र अस्तित्व के लिए, तो जनसंख्या में स्वयं ही स्थिरता आ जाएगी। प्रश्न् यह है कि खुशहाली के लिए बच्चे पैदा करने का यह >स्वाति शर्मा


अब बंद हो सकती है : पूर्व इंजीनियरिंग परीक्षा (P.E.T.)

केंद्र सरकार विद्यालयों में अधययनरत्, विद्यार्थियों को एक ऐसी सुविधा देने की सोच रही है जिससे उनके इंजीनियर बनने का सपना आसानी से साकार हो सकेगा और इसके लिए उन्हें प्रवेश-परीक्षा में सफल होने की जी-तोड़ मेहनत भी >डॉ. गीता गुप्त



 09 मार्च 2009

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