संस्करण: 08सितम्बर-2008

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जनआशीर्वाद यात्रा, उर्फ भाजपा की ढोंग-यात्रा

्रष्टाचार में गले-गले तक डूबी भारतीय जनता पार्टी की सत्ता अपने दागदार दामन के धब्बों को लाख-हथकंडों के बावजूद भी जनता की नजरों से छुपाने में नाकामयाब रही है। विधान सभा के निर्वाचन की इस >अजय सिंह 'राहुल'


उड़ीसा:हिन्दुत्व की एक और प्रयोगशाला !
उड़ीसा में ईसाई विरोधी संगठित एवम सुनियोजित हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।अगर बीसवीं सदी के अन्त में मनोहरपुर में ग्राहम स्टीन्स और उसके दो बच्चों को जिन्दा जला कर मारे >सुभाष गाताड़े


कंधमाल साम्प्रदायिक हिंसा कंधमाल के गुनहगार
ड़ीसा के कंधामाल जिले में महज एक साल के अंदर ये दूसरी बार है कि वहां बड़े पैमाने पर साम्प्रदायिक हिंसा हुई है लेकिन कंधामाल से शुरू हुई यह हिंसा इस बार पूरे सूबे में फैल गई है. विश्व हिंदू परिषद के विवादित >जाहिद खान


  

धर्म परिवर्तन का आरोप और हिंसा
र्म को चुनने मानने न मानने, बदलने, फिर से लौटने और नास्तिक होने का देश के किसी भी नागरिक को हमारे संविधान ने वैसा ही अधिकार दिया हुआ है जैसे कि-  भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावेडकर >वीरेन्द्र जैन


झूठ, भ्रम और अफवाहों के बादल
रसात के मौसम में उमड़-घुमड़कर बादल आते हैं, गरजते हैं और बरसकर चले जाते हैं। ये ही वह मौसम होता है जिसमें बिजली भी चमकती है और पोखरों, नालों और आसपास के गड्डों में भरे पानी के कीचड़ में मेंढ़कों क >राजेन्द्र जोशी


अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का सवाल

ड़ीसा में वर्षों पहिले फादर ग्राहम स्टेन्स और उनके दो पुत्रों की हत्या कर दी थी। इन नृशंस हत्याओं के बाद उनकी पत्नि ने घोषणा की थी कि ''मैं अपने पति और बच्चों के हत्यारों को क्षमा करती हूं।'' उन्होंने  >एल.एस.हरदेनिया


प्रदेश में वन अधिकार मान्यता कानून
वास्तविक हकदारों को लाभ दिलाने में छूटा पसीना

दिवासी जंगल को अपना घर मानते हैं और जंगलों के बिना वे जीवन की कल्पना नहीं करते । आदिवासियों की जंगल से जुडी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा ने  >के.एन.शर्मा


विकलांगों को अभिशाप मुक्त बनाने की जरूरत
 विकलांग अब अक्षमता का पर्याय नहीं रहे। वे तमाम चुनौतियां स्वीकारते हुए अपनी दक्षता साबित कर रहे हैं। लेकिन दक्षता-कौशल के ज्यादातर  >प्रमोद भार्गव


बेरोजगारी से बढ़ता अवसाद
नोज सिह को में वर्षों से जानता हूं। जब वो पढ़ रहा था, तब सोचता था कि पढ़ने के बाद उसे कोई अच्छी नौकरी मिल जाएगी तो उसका और परिवार का जीवन सुखद हो जाएगा। अगर नौकरी नहीं मिली तो बैंक >डॉ. सुनील शर्मा


गुस्ताव की गुस्ताखी का कुसूरवार कौन
कैरोबियाई देशों में तबाही मचाने के बाद अब समुद्री तूफान गुस्ताव अमेरिका के लिए दहशत बना हुआ है. गुस्ताव को तूफानों का बाप कहा जा  > नीरज नैयर


धन कमाने में बिक गई नींद हमारी
रसों पहले कृश्न चंदर की उपन्यास पढ़ी थी 'बम्बई रात की बाँहों में'। तब उम्र छोटी थी, इसलिए उसके कथानक को समझ नहीं पाया, आज जब यह मायानगरी हमारे सामने मुम्बई बनकर आई है, तब से यह  >डॉ.महेश परिमल


भाषा हिन्दी की वर्तमान स्थिति का
जिम्मेदार कौन ?

भारतवर्ष को स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद आज भी अपने देश में राष्ट्रभाषा हिन्दी का महत्व बहुत कम है। चिरन्तन सत्य यह भी है कि हामरा >डॉ.सुशील गुरू

 
08सितम्बर2008

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