संस्करण: 08जून-2009

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

नार्को परीक्षण :
सच्चाई उगलने वाली तकनीक का झूठ
 न्यायमूर्ति ए आर लक्ष्मणन् की अगुआईवाला विधि आयोग इन दिनों नार्को परीक्षण पर अपनी रिपोर्ट का मसविदा तैयार करने में व्यस्त है। (नवभारत टाईम्स, नई दुनिया 28 मई 2009)  रिपोर्ट तैयार होने के बाद >सुभाष गाताड़े


डॉ. विनायक सेन को जमानत
  मानत मिली लेकिन इंसाफ अभी बाकी जाने माने बाल रोग विशेषज्ञ और उससे भी बड़कर मानव अधिकार कार्यकर्ता डॉ. विनायक सेन को आखिरकार मुल्क की आला अदालत ने जमानत पर रिहा करने का हुक्म>जाहिद खान


न्यूनतम साझा कार्यक्रम के बिना
कहीं ये ममता मँहगी न पड़े
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद न केवल काँग्रेस पार्टी और उसके सदस्य ही उत्साहित हैं अपितु देश भर में अस्थिरता के भय से आतंकित जनता ने भी एक संतोष की सांस ली है। पर यूपीए ने जिन चुनावपूर्व घटकों के मतों>वीरेंद्र जैन


नस्लीय भेदभाव से मानवता आहत
  स्लवाद जैसे अमानवीय और क्रूर मानसिकता का शिकार हमेशा विकासशील व अविकसित देश होते हैं। वर्षों से भारतीयों के साथ भी ऐसा अमानुषिक कृत्य होता रहा है। अब जबकि भारतीयों की प्रतिभा, परिश्रम,शालीनता >अंजनी कुमार झा


अब भी कायम है सूकी का खौफ
दुनिया भर के लोकतंत्र समर्थकों के लिए मिसाल बन चुकीं आंग सान सूकी म्यांमार की फौजी हुकूमत के लिए इतने बरस यातनाएं झेलने के बाद भी खतरा बनी हुई हैं. इस खौफ के चलते ही फौज ने सूकी की को नए मुकदमें >नीरज नैयर


शख्सियत काम से बनती है
मीडिया प्रबंधन की कलाबाजियों से नहीं।
 राजनैतिक क्षेत्र में नेताओं की शख्सियत निखारने के लिए मीडिया प्रबंधान की कलाबाजियां इन दिनों खूब देखने को मिल रही हैं। राजनीति का क्षेत्र सेवा का है और इस क्षेत्र में तमाशों का खेल ज्यादा समय तक नहीं>राजेंद्र जोशी


भाजपा के राज में कर्तव्य परायण
अधिकारी भी दंडित किए जाते हैं
देवास की डिप्टी कलेक्टर संजना जैन को रातों-रात जिस अशोभनीय ढंग़ से हटाया गया उसकी न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में बल्कि आम लोगों में भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया हुई है। संजना जैन को इसलिए हटाया गया क्योंकि >एल.एस.हरदेनिया


अब 'मुख्यमंत्री' बन रहे हैं शिवराज
 

शीर्षक पढ़ कर चौंकिए नहीं। दरअसल शिवराज सिंह अब मुख्यमंत्री की असली भूमिका का वहन कर रहे हैं। हालांकि उनके नेतृत्व में पिछली सरकार ने एक हज़ार दिन से अधिक का कार्यकाल पूरा किया था और इस बार भी >महेश बाग़ी


म.प्र. में शिक्षकों के बगैर कैसे संभव है
शिक्षा में गुणवत्ता
 स समय म.प्र. में बोर्ड परीक्षाओं के खराब परिणाम चर्चा में है,यहाँ दसवी के इम्तहान में लगभग सत्तर फीसदी बच्चे असफल रहे हैं। सिर्फ अंग्रेजी विषय मे अनुत्तीर्ण छात्रों की संख्या तीन लाख से अधिक है।लगभग >डॉ.सुनील शर्मा


पॉलिथिन पर नियंत्रण : एक चुनौती

ह सर्वविदित है कि पॉलीथिन का उपयोग पर्यावरण के लिए बहुत घातक है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह अत्यंत हानिकारक है तथापि इसके उपयोग को नियंत्रित नहीं किया जा सका है। 20  >डॉ.गीता गुप्त
 


''मरूस्थलीय क्षेत्रों में सूखा प्रबंधन ज़रूरी''
काल एवं सूखा आदि प्राकृतिक आपदाएं हैं, जिन पर मानव का नियंत्रण नहीं है, परंतु ये मानव जीवन को बुरी तरह से प्रभावित हैं। हमारे देश में राजस्थान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ देश >स्वाति शर्मा




08 जून 2009

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved