संस्करण: 07 दिसम्बर-2009

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शिवराज का एक और ढोंग

ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ढोंग करने का कोई भी अवसर हाथ से नहीं जाने देते हैं। पिछले साल उन्होंने सायकल से सचिवालय जाने का ढोंग किया था और इस साल विश्व मोटापा विरोधी दिवस पर >महेश बाग़ी


 

राजनैतिक दलों में आया विद्रोह-युग

भारतीय राजनीति में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह अध्याय है विद्रोह का। इस क्षेत्र से कतिपय लोग इसलिए भी जुड़ते हैं कि वे राजनीति को माध्यम बनाकर खूब शोहरत पा सकें, दौलतमंद बन सकें और समाज पर>राजेंद्र जोशी


 

बाबरी मस्जिद ध्वंस : संघ परिवार में ''श्रेय'' लेने की प्रतियोगिता
 

साधारणत: यदि किसी व्यक्ति पर किसी अपराध का आरोप लगाया जाता है तो वह व्यक्ति यह दावा करते नहीं थकता कि वह निर्दोष है, उसने अपराध नहीं किया है, उसे बेकसूर होते हुए भी षड़यंत्रपूर्वक फंसाया जा रहा है >एल.एस.हरदेनिया


 

सट्टेबाज पूंजी पर अंकुश
क्या ब्राजिल के अनुभवों से हम सीख नहीं सकते


डनछू पूंजी मुनाफे की तलाश में कब किस मुल्क से फुर्र हो जाएगी और नए ठिकानों में पहुंचेगी, इसका आकलन करना अब अधिकाधाक मुश्किल होता जा रहा है। लाजिम है उसकी इस प्रवृत्ति पर अंकुश बनाए रखने के लिए>सुभाष गाताड़े


 

श्रीलंका में अमेरिकी दखलंदाजी क्यों ?
 

क लंबी लड़ाई के बाद श्रीलंका अब बीते दिनों की बुरी यादों से बाहर निकलने में लगा है. विस्थापित तमिलों के पुर्नवास का काम भी धीरे-धीरे चल रहा है, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक लिट्टे और सेना के बीच संघर्ष>नीरज नैयर


 

जाति प्रथा पैतृक रोजगार आरक्षण की एक व्यवस्था थी
 

बिगड़ता पर्यावरण, खाद्यान्न में रासायनिक पदार्थों का बढ़ता प्रयोग, गुणवत्ता विहीन और अनावश्यक दवाईयों का उपयोग नित नई बीमारियों को जन्म दे रहा है। ऐसी जानलेवा बीमारियां देखने सुनने में आ रही है >विनय दीक्षित


कैंसर : बढ़ते मरीज, उदासीन सरकार

बिगड़ता पर्यावरण, खाद्यान्न में रासायनिक पदार्थों का बढ़ता प्रयोग, गुणवत्ता विहीन और अनावश्यक दवाईयों का उपयोग नित नई बीमारियों को जन्म दे रहा है। ऐसी जानलेवा बीमारियां देखने सुनने में>अमिताभ पाण्डेय


 

ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ेगा दूध का संकट?

स समय हमारा देश दुग्ध उत्पादन के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है।वर्तमान सत्र में दुग्ध उत्पादन का आंकड़ा लगभग 101करोड़ टन पर पहुचने की संभावनाए है जो कि विश्व के कुल उत्पादन में 15 प्रतिशत होगा।>डॉ. सुनील शर्मा


 

ताकि सारे बच्चे कहें कि
स्कूल चले हम

 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने एक बार कहा था कि मैं भारत के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा के सिध्दांत को दृढ़ता के साथ मानता हूं। गांधीजी का मानना था कि इस लक्ष्य को पाने के लिए बच्चों को ऐसी शिक्षा>राखी रघुवंशी


 

भूखों की दुनिया
 

भूख इंसानी रूह को कंपा देती है । भूख जो इंसान को तडपाती है । भूख जो व्यक्ति अच्छे और बुरे काम करने के लिए प्रेरित करी है । भूखमरी जो दुनिया भर में असंतोष और विषमता पैदा करती है । आज यही सुरसा>ओमप्रकाश


 

' जीवाणु प्रदूषण-स्वास्थ्य के लिए चुनौती'
 

भारत में कठोर नियम कानून के अभाव में जीवाणु प्रदूषण को प्रोत्साहन मिलता है । इस प्रदूषण को फैलाने में यातायात के साधन से लेकर सभी जिम्मेदार होते है । जीवाणु प्रदूषण कम करने का एक उपाय स्टरिलाइजेशन है । >स्वाति शर्मा


 

ओबामा के टोटकों में नहीं फँसे मनमोहन

 

राजनीति में भावुकता का सहयोग लेने का सिलसिला बहुत पुराना है। अगर हम सिकन्दर और पुरू के बीच में हुये युध्द के बाद पुरु को राज्य वापिस मिलने की घटना को याद करें या हुमायुं को राखी भेजने की घटना की>वीरेंद्र जैन


07िसम्बर -2009

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