संस्करण:  04 अक्टूबर-2010

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क्या इस बार हथियारों के पूज जाने पर अंकुश लगेगा ?

  राजधानी दिल्ली से निकलनेवाले दो अग्रणी अख़बारों (नई दुनिया एवम जनसत्ता) में 24 सितम्बर के दिन एक जैसी ख़बरें ही प्रकाशित हुई थीं, फरक महज इतना ही था कि एक ख़बर का ताल्लुक हरियाणा के मेवात जिले के गांव भादस स्थित गुरूकुल में हुए विस्फोट से था>सुभाष गाताड़े
 


आम सहमति से ही देश की उलझनपूर समस्याओं का हल होना चाहिए


  तीन महीने के अंतराल के बाद कश्मीर में शिक्षण संस्थाओं का फिर से खुलना और अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों को वहां भेजना एक शुभ संदेश है। अभिभावकों द्वारा पृथकतावादियों के आव्हान की उपेक्षा कर बच्चों को शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने के लिए भेजना इस बात का संकेत है> एल.एस.हरदेनिया
 


अंतरकलह में उलझी भाजपा
 

 भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर अंतरकलह में उलझ गई है। ताज़ा मामला बिहार विधानसभा चुनाव का है, जहां नरेन्द्र मोदी को प्रचार के लिए बुलाने पर पार्टी दो खेमों में बंट गई है। नीतीश कुमार ने तो साफ़ कह दिया है कि बिहार में मोदी को बुलाया तो गठबंधन खतरे में पड़ जाएगा।>महेश बागी
 


चुनाव सुधार की ओर एक जनप्रतिनिधि ऐसे भी चुनें

  पनी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल अपने दलों की नीतियों, कार्यक्रमों, घोषणा पत्रों, उम्मीदवार के व्यक्तित्व आदि के आधार पर वोट माँगने का दिखावा करते हैं किंतु यथार्थ में धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा, वादे, रिश्ते, गैर राजनीतिक कारणों से प्राप्त लोकप्रियता, और>वीरेंद्र जैन
 


क्या खायें, क्या पियें? सब्जी में ज़हर, फलों में ज़हर, मिठाई में ज़हर, दूध में ज़हर !

 ज सभी की जुबान से अक्सर जुमला सुनने को मिलता रहता है कि भैया ! कैसा जमाना आ गया है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है-क्या खायें और क्या पियें ? खाने-पीने की वस्तुओं में भी ज़हर उतार दिया गया है।>राजेंद्र जोशी
 


चीन की चुनौती


  ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था आकार की दृष्टि से दुनिया में दूसरे नबंर पर आ गई है। अब केवल अमेरिका उससे आगे है। यदि कुछ अप्रत्याशित नहीं हुआ तो 2030 तक चीन उसे भी पछाड़ देगा।> राखी रघुवंशी


साहब लोगों के नौनिहालों के लिये तालीम

   संस्कृति स्कूल का किस्सा फिर एक बार सूर्खियों में है। अभी ज्यादा दिन नहीं बीता जब राजधनी दिल्ली में सरकार में वरिष्ठ पदों पर तैनात साहब लोगों के बच्चों के लिए विशेष तौर पर बना यह स्कूल चर्चा में था।>अंजलि सिन्हा


स्वास्थ्य को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोडने की जरूरत

  हाल ही में कुछ ऐसे समाचार देखने में आए जिन्हें पढ़कर मैं आश्चर्य चकित तो हुआ ही दशकों पुरानी स्मृतियों में भी लौटना पड़ा। एक समाचार का सार था कि जल में प्रसव कराए जाने से पीड़ा कम होती है> प्रमोद भार्गव


बिना परीक्षा और उपस्थिति के उत्तीर्ण करना कहां तक उचित है? नई शिक्षा नीति पर उठते प्रश्न

  रकार द्वारा समय-समय पर कुछ नीतियों का निर्धारण किया जाता है जो समाज के हर वर्ग के विकास के लिए उपयोगी सिध्द हों। इन नीतियों के निर्धारण के लिए कानून भी बनाये जाते हैं।>डॉ. राजश्री रावत 'राज'


ट्रेन के पहियों से कुचलती राष्ट्रीय धरोहर

  पूरा देश जब गणेश विसर्जन में व्यस्त था, तब सुदूर बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास मालगाड़ी के पहियों से कुचलकर सात हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। एक तरफ हम जिन्हें पूजते हैं, तो दूसरी तरफ उनकी असमय मौत हमें विचलित नहीं करती।> डॉ. महेश परिमल


कृषि विकास का महत्वपूर्ण साधन

  ल्लेखनीय है कि इस समय तीसरी दुनिया के 2.1 अरब व्यक्ति दो अमरीकी डालर प्रतिदिन से कम और 88 करोड़ व्यक्ति एक अमरीकी डालर प्रतिदिन से कम पर गुजारा करतें है।>डॉ. सुनील शर्मा


04 अक्टूबर-2010 

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