संस्करण: 03नवम्बर-2008

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

मालेगाँव ब्लास्ट से उठते सवाल

अभी हाल के समाचार पत्रों में मालेगाँव ब्लास्ट में हिन्दूवादी संगठनों के शामिल होने का समाचार प्रकाशित हुआ है। महाराष्ट्र के आतंकवाद विरोधी दस्ते (ए.टी.एस.) के अनुसार मालेगाँव ब्लास्ट में गिरफ्तार किये गये तीनों आरोपी हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े हुये है।  > दिग्विजय सिंह


हमलों में हिन्दू कट्टरवादियों का हाथ

हमारे देश में मुख्यत: दो तरह की राजनीति होती है-पहली, बांटने की राजनीति और दूसरी, जोड़ने की राजनीति। इनमें से पहली तरह की राजनीति करने वाले राजनेता अधिक लोकप्रिय हैं, जिन्हें मतदाताओं में जाति, भाषा व धर्म के छोटे-छोटे हिस्सों की तलाश होती हैं, >शशि थरूर


अपने बिछाए जाल में फंसा संघ परिवार

भारतीय जनता पार्टी समेत संपूर्ण संघ परिवार इस समय स्वयं को अत्यधिक असमंजस की स्थिति में पा रहा है। मालेगांव व मोदासा में हुए विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ़्तार लोगों के प्रति वह कैसा रवैया अपनाए वह तय नहीं कर पा रहा है। पूरे संघ परिवार में इस मुद्दे  >एल.एस.हरदेनिया


  

भाजपा की चुनावी नैया अपराधियों के हवाले

भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक परिवेश में शुचिता का दंभ भले ही भरती हो पर हकीकत यह है कि भाजपा पूरी तरह अपराधियों पर आश्रित होकर रह गई है। हाल ही में चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश के गृह मंत्रालय से उन आरोपियों की सूची तलब की है, > महेश बाग़ी


अधूरी और त्रुटिपूर्ण मतदाता सूचियां

किसकी गफलत, प्रशासन की या जनता की !

 

देश में जब-जब भी लोकसभा, विधानसभाओं पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं के निर्वाचन का समय नजदीक आता है, तब-तब मतदाता-सूची में मतदाताओं के पते ठीक करने, नये नाम जुड़वाने और पूरी तरह से इन सूचियों को अपडेट करने की राज्यों में जिला > राजेन्द्र जोशी


''न्यायपालिका द्वारा संभव है चुनाव सुधार''

भारत के संविधान में अनुच्छेद 324 के द्वारा निर्वाचन आयोग को पारदर्शी, स्वच्छ, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का अधिकार दिया गया है, परंतु भारत की चुनाव प्रक्रिया दिन-प्रतिदिन भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यकवाद, क्षेत्रीयतावाद के इस दौर में लोकतंत्र छटपटा रहा हैं। > स्वाति शर्मा


आर्थिक वैश्वीकरण का प्रयोग फेल

20वीं सदी का अंतिम दशक बड़ा ही उथल-पुथल और परिवर्तनकारी रहा है। इसी दशक में आर्थिक और राजनैतिक अराजकता के कारण समाजवादी सोवियत संघ का विखण्डन हुआ। इसके साथ ही दुनिया के कई कम्युनिस्ट और समाजवादी देशों में सत्ता परिवर्तन हुए। >विनय दीक्षित


शराब और समाज

एक ओर जहाँ शराब की आलोचना हमारी सामाजिक परंपरा में सम्मिलित रही है वहीं दूसरी ओर उसका प्रयोग तेजी से हमारे व्यवहार का हिस्सा बनता जा रहा है। यह हमारे समाज के बड़े पाखंडों में से एक है। सारी दुनिया के शराबियों >वीरेन्द्र जैन


बिन पानी सब सून

समूचे विश्व में जल-संकट के प्रति चिन्ता गहराती जा रही है। अति-वृष्ट, अनावृष्टि और अल्पवृष्टि-तीनों ही स्थितियां प्रकृति के लिए हानिकारक हैं। प्राकृतिक आपराओं पर मनुष्य का वश नहीं चलता किन्तु आज जिस तीव्र गति से पृथ्वी के तापमान में वृध्दि हो रही है, > डॉ.गीता गुप्त


म.प्र. में शिक्षा बर्बादी की कगार पर

अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा जारी शैक्षिक विकास इंडेक्स 2006-07 के अनुसार प्रदेश की स्थिति 35 भारतीय राज्यों में 30 वें स्थान पर पहुंच गई है जों कि वर्ष 2005-06 में 29 वें स्थान पर थी। इस इंडेक्स के अनुसार इस अवधि के दौरान म0प्र0 में प्राथमिक शालाओं  >डॉ. सुनील शर्मा


चीनी उत्पादों में जहर

सुपरस्टॉर अमिताभ बच्चन टीवी पर लालटेन वाला जो विज्ञापन करते हैं, वह केडबरी चॉकलेट का है। लोग इस विज्ञापन को मजे से देखते हैं और अपनी दोस्ती को याद करते हैं। दोस्ती को तो याद करना ही चाहिए। इस विज्ञापन के तथ्यों से दूर होकर बात की जाए, >डॉ. महेश परिमल


03नवम्बर2008

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved