संस्करण: 03अगस्त-2009

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एक विवाद के प्रांत

हुल्लाबालू में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी ने शर्म अल-शेख के मौके पर इसका जिक्र किया कि पाकिस्तान के पास बलूचिस्तान और अन्य क्षेत्रों में हमले (कौन और कहां से करेगा?) की कुछ सूचना थी। हमारे > मणिशंकर अय्यर(लेखक2004-2009तक केन्द्रीय मंत्री रहे हैं।)


 

केंद्र सरकार का एक निर्णय-
बेटियों के हित में


निस्सन्देह केंद्र सरकार का यह निर्णय प्रशंसनीय और उल्लेखनीय है कि भविष्य में शासकीय-अर्ध्दशासकीय सेवाओं सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा हेतु आयोजित प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने वाली महिलाओं से कोई >  डॉ. गीता गुप्त


 

यहाँ हर शख्स-या तो दुकानदार है,
या फिर ग्राहक !


ज की दुनिया एक बाजार है, जिसमें हर शख्स अपने चेहरे से, हावभाव से, कर्म से और व्यवहार से ऐसा लग रहा है, जैसे कि वह इस भीड़ भरे बाज़ार में अपना कोई माल बेच रहा हो। अपने माल की वह दुकान >राजेंद्र जोशी


 

सच का सामना
'झूठ पकड़नेवाली मशीन की असलियत!'

प्राचीन समय से विभिन्न संस्कृतियों में एक बात पर सहमति दिखती रही है और जिसका इस्तेमाल वह अपने तरीके से अपराधी को पकड़ने में करते रहे हैं। जैसे यह धारणा लम्बे समय से सहजबोधा की शक्ल धारण >सुभाष गाताड़े


कानून के पक्षधरों की भटकन


पिछले कुछ दिनों से वकीलों से सम्बंधित बहुत सारी खबरें अखबारों में देखने को मिल रही हैं, जो दुखद हैं। वकीलों को संविधान विशेषज्ञ समझा जाता है और उम्मीद की जाती है कि वे संविधान की रक्षा करते हुये उसमें > वीरेंद्र जैन


स्कूल चलें, मगर क्यों.....?

 

ध्य प्रदेश में इन दिनों 'स्कूल चलें हम' अभियान ज़ोर-शोर से चलाया जा रहा है। शिक्षक गण घर-घर जाकर पूछ रहे हैं कि आपके यहाँ ऐसा कोई बच्चा तो नहीं है, जो स्कूल नहीं जाता है। फिर वे उस घर के बाहर >महेश बाग़ी


पार्टी के हाल से परेशान संघ-भाजपा
नेताओं का भोपाल में जमावड़ा


क्या
मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की नाव मंझधार में फंस गई है? यह शंका उत्पन्न होना इसलिए स्वाभाविक है क्योंकि भाजपा की पितृसंस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक के बाद एक कई नेता मध्यप्रदेश आकर पार>एल.एस.हरदेनिया


सरकार कन्यादान क्यों करें ?


ध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की पहल पर चलायी जा रही कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह से पहले 151 लड़कियों के कौमार्य परीक्षण का मसला कुछ दिनों से सूर्खियों में है। सरकार ने भी इस बात को स्वीकारा है>अंजलि सिन्हा


तबाही की पूर्व सूचना है जलवायु परिवर्तन


लवायु परिवर्तन ठीक उसी तरह से तबाही की पूर्व सूचना है जिस तरह से नलकूप ;टयूबवैल क्रांति जलस्तर गिराने और अल्टासाउण्ड टेस्ट तकनीक स्त्री भ्रूण हत्या के लिए संकट बनी हुई है। जिन तकनीकी का ईजाद>प्रमोद भार्गव


अब नहीं सोचा तो सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी


 म अपने आस पास की उन चीजों को लेकर हमेशा से ही सतर्क रहे हैं जो हमारी जरूरतों की पूर्ती करती हैं, मगर धरती को लेकर हमारी सतर्कता अब तक जागृत नहीं हो पाई है. हमें लगता है कि उसके साथ चाहे कैसा>नीरज नैयरs


टीवी, हम और जंकफूड
लेने वाले हिंसक बच्चे


म लगातार देख, पढ़ और सुन रहे हैं कि आजकल बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। कुछ लोग जमाने को दोष देकर चुप हो जाते हैं, कुछ इसे संस्कारों का दोष मानते हैं, कुछ लोग इसके लिए पालकों को>ॉ.महेश परिमल


''दुखहाली के घेरे में खुशहाल बचपन''


 ज हमारे देश में लाखों बच्चे अभाव, अशिक्षा, कुपोषण, भेदभाव, उपेक्षा और बेबसी का जीवन जी रहे हैं। उनके लिए जिंदा रहना ही एक संघर्ष बना हुआ है। चाहे ये बच्चे शहरों में हो या गांव में उनके शोषण व दुरूपयोग के>स्वाति शर्मा



03 अगस्त-2009

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