संस्करण: 02 नवम्बर -2009

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मालेगांव से लेकर मडगांव तक
हाराष्ट्र के नांदेड़ और मालेगांव से शुरू हुआ दक्षिणपंथी हिंदू आतंकवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोवा के मडगांव में दीवाली की पूर्व संध्या पर हुए बम विस्फोट में एक बार फिर एक हिंदुवादी संगठन>जाहिद खान


 

हिंदुत्व का पलटवार
र्म किसी भी मनुष्य अथवा समाज की वह ताकत है जो उसे कठिन से कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने की शक्ति प्रदान करती है । सामान्य परिस्थितियों में मानव की मानसिक शांति तथा उत्तरोत्तर प्रगति का प्रेरणा >मोकर्रम खान


 

चीन से स्वाभाविक मित्रता के लिए.....

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का यह बयान प्रशंसनीय है कि अरुणाचल मुद्दे पर वे चीन के दबाव में नहीं आएंगे। इतना ही नहीं, तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की तवांग यात्रा पर भी उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे हमारे>महेश बाग़ी


 

'यह पब्लिक है, सब जानती है' !
जनभावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं, चुनावी नतीजे

राजनैतिक पार्टियां कितना ही ढोल पीट पीटकर अपनी काबिलियत का ढिंढोरा पीटे किंतु जब निर्वाचन के नतीजे सामने आ जाते हैं तो सब साफ हो जाता है कि जनता की पसंद क्या है और वह किस विचारधारा या पार्टी को >राजेंद्र जोशी


 

चुनाव परिणामों से
बौखलाएं बालासाहब ठाकरे

हाल में आए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि जिन मराठी भाषियों के तथाकथित हितों की रक्षा के लिए शिवसेना का जन्म हुआ था उन मराठी भाषियों ने ही शिवसेना के हाथ में सत्ता सौंपना>एल.एस.हरदेनिया


 

प्रो. मटुकनाथ बर्खास्तगी प्रसंग
युवाओं के वैवाहिक अधिकार की सुरक्षा का सवाल

मारे जैसे लोकतांत्रिक देश में संवैधानिक कानून और सामाजिक नैतिक नियम हमेशा एक ही दिशा में नहीं चलते इसलिए इनमें टकराव भी होता रहता है। अभी हाल ही में गौ हत्या, धर्म परिवर्तन>वीरेंद्र जैन


हरित नौकरियों का
बढ़ता बाजार

रोजगार मानव का मूलभूत अधिकार है क्योंकि रोजगार के सहारे आदमी अपना और अपने परिवार का पेट भर सकता है। प्राचीन काल में हमारी सामाजिक व्यवस्था को ही रोजगारन्मुखी बना दिया था,जिससे>डॉ. सुनील शर्मा