संस्करण: 01सितम्बर-2008

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म.प्र. में एक हजार दिन की हकीकत-
आम जनता की फजीहत ही फजीहत

अपने मुँह मियां मिट्टू बनकर मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने अपने एक हजार दिन पूरे करने की खुशी में जिन उपलब्धियों के आंकड़ों का >अजय सिंह 'राहुल'


देश को बांटने वाले आंदोलन क्यों करता है
संघ परिवार ?

क्षिणी ओस्सेतिया गणराज्य को लेकर जार्जिया और रूस के बीच छिड़ी जंग से संयुक्त राष्ट्र संघ, नाटो, आसियान, सार्क सभी स्तब्ध  है। >एल.एस.हरदेनिय


ये अंगोछा-छाप नेता !
नस्वास्थ्य के लिए खतरा हैं झोला छाप डॉक्टर और प्रजातंत्र के लिए खतरा बने अंगोछा छाप नेता। जिस तरह न डिग्री, न डिप्लोमा, झोले में भरी जड़ी बूटी और दवाइयाँ, लटका लिए कांधो पर >राजेन्द्र जोशी


  

क्या मध्यप्रदेश अपराधियों की शरणस्थली है?
त 26 सितम्बर 2008 को इंदौर में राजवाड़ा चौक से रीगल तिराहे तक एक रैली निकाली गयी जिसका नेतृत्व महंत लक्ष्मणदास महाराज, महंत  >वीरेन्द्र जैन


नेताओं की रैली में गया मध्यान्ह भोजन का बजट
स्कल में पढ़ने वाले बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे इसके लिए सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है। बच्चों को गुणवत्ता युक्त भोजन मिले इसके लिए शासन द्वारा >अमिताभ पाण्डेय


अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती कीमतों का भारत पर असर बिचौलियों पर लगे अंकुश

रीबी और महंगाई चक्की के ऐसे दो पाट हैं जिनके बीच लगातार करोड़ों लोग पिसते जा रहे हैं। दिनों दिन बढ़ती महंगाई और गरीबी की मार झेलते सिर्फ़ भारत के ही नहीं दुनिया >राजश्री रावत 'राज'


घोषणाओं का पहाड़ खड़ा करने में जुटी
शिवराज सरकार

चुनावी साल में प्रदेश की भाजपा सरकार हर वह कोशिश करने में जुटी है, जिससे मतदाताओं को भ्रमित किया जा सके। अलग-अलग वर्गों की पंचायतें >महेश बाग़ी


एक नकारा सरकार बनी ''सपनों की सौदागर''
 ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब तब जनता के बीच दोनों हाथ लहराकर फेफड़े फाड़ते हुए अपनी सरकार की बढ़-चढ़कर तारीफ करते हुए बताते हैं कि उनके कुशल नेतृत्व में राज्य में  >विनय दीक्षित


दिलों को दूर करती दौलत
जो जीवन में केवल सम्पत्ति को ही सब कुछ मानते हैं, उनके लिए बुरी खबर। जीवन में धन ही सब-कुछ नहीं है। इससे बढ़कर भी दुनिया में ऐसा बहुत-कुछ है, जिसे पाकर हम खुश हो सकते हैं, गर्व का अनुभव कर सकते हैं। निश्चय ही आप सोच रहे होंगे कि यह तो > डॉ. महेश परिमल


मुशर्रफ का जाना भारत पर भारी !
पड़ोस में अस्थिरता का पड़ सकता है असर

जैसे-तैसे जम्हूरियत के रास्ते पर आया पाकिस्तान फिर अस्थिरता के अंधेरे में डूबता दिखाई दे रहा है. नवाज और जरदारी के बेमेल गठबंधन > नीरज नैयर


क्या कानपुर भी नांदेड के रास्ते जाएगा ?
24 अगस्त की जन्माष्टमी के दिन कानपुर में जिस बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ, उससे किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। शिव शंकर मिश्रा नामक किन्हीं रिटायर्ड कर्मचारी द्वारा बनाए एक निजी छात्रावास के एक कमरे में हुए प्रचण्ड बम विस्फोट में न केवल मिश्रा >सुभाष गाताड़


'युवाओं की भागीदारी से आयेगी राजनीति में शुचिता
चुनावों का समय निकट है अभी देश के चार बड़े राज्यों मे विधानसभा के चुनाव होने वाले है उसके तत्काल बाद ही लोक सभा के चुनाव आ जावेगें। इन चुनावों के जरिये जन प्रतिनीधि बनने के लिये >डॉ. सुनील शर्मा

8 सितम्बर-विश्व साक्षरता दिवस पर विशेष
कठिन डगर है साक्षरता की

हान दार्शनिक प्लेटों के अनुसार-'अज्ञानी रहने से अच्छा है जन्म न लेना क्योंकि अज्ञान ही सारे दु:खों की जड़ है।' साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना सीख लेना ही नहीं है, इसकी सार्थकता >डॉ. गीता गुप्त

 
01सितम्बर2008

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