संस्करण: 01जून-2009

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कांग्रेस के पुनरोदय के मायने

 लोकसभा चुनाव के नतीजों ने विपक्षी दलों समेत कांग्रेस को भी हैरत में डाल दिया है। तमाम सर्वेक्षणों और चुनावी आकलनों में यह तो बताया जा रहा था कि कांग्रेस की सीटें बढ़ेगी, लेकिन सभी उसे डेढ़ सौ सीटों  >महेश बागी


राजनैतिक असफलताऐं-
नौकरशाही पर उतरती है खीज़
   लोकतांत्रिक प्रणाली में राजनैतिक दलों को निर्वाचन के माध्यम से सत्ता हासिल करने के मिले अवसरों का लाभ उठाने में जब कतिपय राजनैतिक दल या उनके प्रमुख नाकामयाब हो जाते हैं तो, अक्सर यह >राजेंद्र जोशी


राहुल गांधी,
एक बड़ी जीत की ओर बढ़ते
वर्ष 2009 के लोकसभा निर्वाचन में पूरा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया विभिन्न सर्वेक्षणों के आ धार पर कांग्रेस को अधिकतम 170 सीटें मिलने का अनुमान दे रहे थे, किंतु परिणाम आने पर कांग्रेस क>सुरेंद्र जग्गी


चुनाव में हार को लेकर
संघ व भाजपा के बीच दोषारोपण जारी

  चुनाव नतीजे घोषित होने के साथ वैसे तो सभी पार्टियों में आत्म मंथन प्रारंभ हो गया है, परंतु सबसे ज्यादा आत्म चिंतन भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी पार्टियों में हो रहा है। भाजपा, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क >एल.एस.हरदेनिया


नेपाल में माओवादी ग्रहण छँटा
ड़ोसी देश नेपाल में तीन वर्ष पूर्व संयुक्त राष्ट्र मिशन पहुंचा। आपस में बुरी तरह लड़ रही पार्टियों को यह लगा कि शायद मध्यस्थता हो जायेगा और मिल रही विदेशी मदद की राशि में भी बढ़ौत्तर>अंजनी कुमार झा


म्यांमार : नफरत की नीतियों में नहीं आएगा बदलाव
 लोकतंत्र समर्थकों के लिए मिसाल बन चुकीं आंग सान सूकी को फौजी हुकूमत के चुंगल से आजाद कराने के लिए विश्व समुदाय ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने तल्ख.>नीरज नैयर


आर्थिक सुधारों के दौरान घटा रोजगार

र्जुन सेन गुप्त आयोग और फिक्की के आर्थिक वृध्दि और रोजगार के अवसर संबंधी अध्ययनों से बेहद चौंकाने वाले एंव विरोधाभासी निष्कर्ष सामने आए हैं। गुप्त ने अपने 1983 से 2005 के दौरान रोजगार की  >प्रमोद भार्गव


5 जून- विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष
जागरूकता से ही बचेगा पर्यावरण

र्यावरण और जीवन का अन्योन्याश्रित संबं धा है तथापि हमें अलग से यह दिवस मनाकर पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धान और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पड़ रही है। यह चिंताजनक ही नहीं, शर्मनाक भी है।>डॉ.गीता गुप्त


दूसरी हरित क्रांति की ओर बढ़े!
 

 कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2004 में पहली बार सत्ता में आने के तुरंत बाद किसानों की बेहतरी तथा कृषि क्षेत्र में आवश्यक सुधार हेतु सुझाव देने डॉ. स्वामीनाथन के नेतृत्व में राष्ट्रीय कृषक>डॉ.सुनील शर्मा


''फास्ट फूड : स्वाद में प्यारे पर दुश्मन हमारे''

धुनिक रहन-सहन और दौड़- धूप से भरी जिंदगी ने मनुष्य के जीवन में कई परिवर्तन किए हैं। आज लोगों के पास समय का अभाव है, इस व्यस्त जिंदगी में सब कुछ फास्ट हो गया है >स्वाति शर्मा
 


दक्षिण भारत में बदल रहा है
हिंदी के प्रति दृष्टिकोण
पिछले माह गोवा जाना हुआ, उसके पहले एक बार चेन्नई जाने का अवसर मिला था। इन दोनों स्थानों पर जाकर ऐसा बिलकुल ही नहीं लगा कि मैं किसी अहिंदीभाषी क्षेत्र में हूँ। गोवा तो खैर पर्यटन>डॉ. महेश परिमल




01 जून 2009

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