संस्करण: 01 फरवरी-2010  

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शिवराज का
एक और भ्रमजाल

 

  राजनीतिक वीथिकाओं में यह माना जाता है कि संघ और भाजपा से जुड़े लोग भ्रम फैलाने में माहिर होते हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मान्यता पर मुहर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री इन दिनों 'आओ>महेश बाग़ी


 

सरकार का मुँह देखकर
ही काम करती है नौकरशाही

ध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार के पिछड़ेपन के बारे में हो रही आलोचनाओं से बौखला कर अपनी कमजोरियों का ठीकरा नौकरशाही के सिर फोड़ना शुरू कर दिया है। स्मरणीय है  >वीरेंद्र जैन


 

कंधामाल में ईसाई आज भी आतंक के साये में

पूरे दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उड़ीसा के कंधमाल जिले में रहने वाले ईसाई आज भी आतंक के सायें में जी रहे हैं। आतंक इतना गंभीर है कि अनेक ईसाई परिवार, जो 2007 के दिसंबर माह में तथाकथित हिन्दू संगठनों की >एल.एस.हरदेनिया


 

राहुल का बजा युवा-बिगुल
क्या मजबूत बन पायेगा, पीढ़ियों के बीच का पुल !

ह युवा-क्रांति का दौर है और हर क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ती जा रही है। राजनीति का क्षेत्र हो या उद्योग व्यवसाय का, कला-साहित्य-सांस्कृतिक का क्षेत्र हो या फिर सेवा का, हर तरफ युवा नेतृत्व परवान चढ़ रहा >राजेंद्र जोशी


 

क्या लौट रहा है कूलिंग ट्रेंड ?

क्या शीत होते विश्व का दौर एक बार फिर लौट रहा है, क्या ठंड का असर पिछले वर्षों की तुलना में नित्यप्रति अब बढ़ा है, क्या आने वाले समय में बर्फ की सफेद चादर अनेक देशों को सफेद आवरण से पूरी तरह ढ़कने>शब्बीर कादरी


 

हैती : आपदा नहीं अवसर ?
राहत कार्यों के सैन्यीकरण में लिप्त अमेरिका

साईमन फ्रान्को, जो डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, नामक स्वयंसेवी संस्था के निदेशक हैं, इन दिनों बेहद दुखी हैं। भूकम्प से तबाह हुए हैती में उनके संगठन के कार्यकर्ता बीमारों/घायलों की सेवा में लगे हैं, उन्हें दवाइयों तथा>सुभाष गाताड़े


 

इलेक्ट्रिक कारें और टिकाऊ विकास

लेक्ट्रिक वाहन का यह नया युग फैलायेगा एक मजबूत अवसर, जिसे अपनाकर हम वैसी ही राह बना पायेंगे जैसा झणभंगुर जीवाश्म इंधन के युग में बनाये और इस युग से निकल हम टिकाऊ तकनीकी युग में प्रवेश करेंगे। >जीफरी डी सैस


 

भूमि की
बिगड़ती सेहत

   मारे देश में रोटी और रोजगार का सबसे बड़ा संसाधन बनी भूमि की गुणवत्ता अथवा उसकी बिगड़ती सेहत को जांचने का अब तक कोई राष्ट्रव्यापी पैमाना नहीं है। जबकि देश की कुल आबादी में से सत्तर फीसदी आबादी >डॉ. प्रमोद भार्गव


 

माइक्रो फायनेंस के लिये
नियामक व्यवस्था बन


       मंगल नाई गॉव से आकर एक सेलून में काम करता है,वह काफी दिनो से इस चक्कर में है कि कहीं से पॉच छह हजार रूपए मिल जाए,जिनसे वह अपना स्वयं का सेलून खोल सके। कुछ ऐसे चक्कर में रंगा और रामरतन भी>डॉ. सुनील शर्मा


 

सरकारी खिलवाड़ से
गंगा हो गई मैली


 कुंभ मेला शुरू हो चुका है। लोग उसमें स्नान कर अपने पापों को धो रहे हैं। पवित्र बन रहे हैं। अब तक लाखों बल्कि अरबों लोगों को ये गंगा नदी निष्पापी बना चुकी है। फिर भी इनकी संख्या कम नहीं हुई ह>डॉ. महेश परिमल


 

सिनेमा समाज का दर्पण ?
चाहिए ! शादीशुदा पुरूष

  फिल्म जगत की चर्चित शख्सियतों मसलन शबाना आजमी, हेलेन, महिमा चौधरी, श्रीदेवी, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर, शिल्पा शेट्टी, स्मिता पाटील, सारिका या हॉलीवुड की अदाकारा एंजेलिना जोली आदि के बीच क्या